तेतरियाखांड कोलियरी खनिज़ यहाँ के स्थानीय लोगों के हितों के लिए हैं किसी की निज़ी ज़ागीर नहीं:सौरभ श्रीवास्तव
लातेहार : बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित सीसीएल संचालित तेतरियाखांड कोलियरी में हाईवा से कोयला ढुलाई को लेकर बढ़ता विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है। जेएमएम के फायर ब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव और ज़िप उपाध्यक्ष अनीता देवी आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे।सौरभ श्रीवास्तव ने मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह जमीन पूर्वजों के खून-पसीने से सींची गई है और यहां का कोयला केवल संसाधन नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के पूर्वजों के अवशेष हैं और लोगों की विरासत भी, ये कोयला नहीं हमारे पूर्वजों की हड्डियां है।
उन्होंने दो टूक कहा कि अब फैसले बंद कमरों या पांच सितारा होटलों में नहीं होंगे, बल्कि गांव के महुआ पेड़ के नीचे, ग्रामीणों के बीच ही लिए जाएंगे।सौरभ ने आरोप लगाया की कुछ राजनेता पैसों का लेन-देन कर कंपनी के हित में लोगों को बरगलाने का खेल, खेल रहे हैं जिससे सावधान रहने की आवश्यकता है।सौरभ ने कहा कि वर्षों बाद भी परियोजना के प्रॉसेस डॉक्यूमेंट में वर्णित शर्तों का अनुपालन किए बिना कम्पनियाँ कोयला उठाने की जल्दी में हैं और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, पानी, स्कूल और अस्पताल तक उपलब्ध नहीं जो गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां मनमानी कर रही हैं और बिचौलियों का बोलबाला है, जिससे ग्रामीणों का शोषण हो रहा है।जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की है।उन्होंने आरोप लगाया कि पीएनएमएल कंपनी द्वारा हाईवा परिचालन शुरू करने का प्रयास पूर्व में बनी सहमति का खुला उल्लंघन है। उनके अनुसार यह कदम स्थानीय लोगों के रोजगार और अधिकारों पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अनीता देवी ने कहा कि कंपनी दबाव और प्रलोभन के जरिए क्षेत्र का माहौल प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, जिससे तनाव और टकराव की स्थिति बन रही है।उन्होंने कोलियरी में कोयला ढुलाई और स्टॉक प्रबंधन को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई।आरोप है कि कोयले के स्टॉक में हेरफेर, बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले की बाहरी निकासी और खराब कोयले को स्थानीय स्तर पर खपाने जैसी गतिविधियां सामने आ रही हैं।
ज़िप उपाध्यक्ष ने इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।अनीता देवी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उनके हस्तक्षेप के बाद यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।
तेतरियाखांड कोलियरी का यह विवाद अब केवल कोयला ढुलाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय अधिकार, रोजगार और पारदर्शिता की लड़ाई बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस विषय पर प्सरकार का रुख़ और प्रशासनिक कार्यवाही ही इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी ऐसा प्रतीत होता है।
बहरहाल कल के इस कार्यक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है देखना दिलचस्प होगा कि कोयले के इस रण में आगे क्या कुछ होता है।
रिपोर्टर : बब्लू खान

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