चंदवा के क्षेत्रों में डीजल संकट से जनजीवन प्रभावित, प्रशासन पर उठे सवाल — झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने दी आंदोलन की चेतावनी
लातेहार/चंदवा : बीते कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की उपलब्धता एवं प्रबंधन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी क्रम में लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों द्वारा खुले रूप में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराए जाने से आम लोगों का जनजीवन प्रभावित होने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डीजल नहीं मिलने के कारण छोटे व्यवसायियों और रोजमर्रा के कार्यों पर निर्भर लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, आटा चक्की संचालक, होटल व्यवसायी, गेट-ग्रिल एवं फेब्रिकेशन का कार्य करने वाले कारीगर, चार पहिया एवं छः पहिया गैराज संचालक, वेल्डिंग शॉप और अन्य मैकेनिकल कार्यों से जुड़े मिस्त्री वर्ग के लोग डीजल की अनुपलब्धता से खासे परेशान हैं। इनका कहना है कि पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा प्रतिदिन ग़ैलन में डीजल देने से इनकार किया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सामान्य प्रतिष्ठानों में जाँच के नाम पर तथा अन्य मामलों में प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जाती है और जनता को परेशान किया जाता है लेकिन इतने गंभीर जनसमस्या के बावजूद अब तक प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी अथवा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस हस्तक्षेप देखने को नहीं मिला है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि जनता को डीज़ल उपलब्ध हो। अगर दिक़्क़त है तो वैकल्पिक व्यवस्था करें जैसे आधार कार्ड जमा करना आदि लेकिन डीज़ल तो उपलब्ध होना ही चाहिए।
इधर, खेती-किसानी का समय नजदीक आने के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो डीजल पंप एवं कृषि कार्यों के लिए आवश्यक ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होगी, जिससे खेती पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इसी मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के फायरब्रांड नेता एवं जनमुद्दों को मुखरता से उठाकर अक्सर चर्चाओं में बने रहने वाले सौरभ श्रीवास्तव ने एक प्रेस बयान जारी कर प्रशासन और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आम जनता को परेशान किया गया तो प्रशासनिक अधिकारियों एवं कथित ईंधन जमाखोरों के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी कर नियमों के अनुरूप छोटे उपभोक्ताओं को डीजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराया जाए।
सौरभ श्रीवास्तव के इस बयान को लेकर एक ओर जहां आम लोगों का ज़बरदस्त समर्थन देखने को मिल रहा है, वहीं सौरभ के जुझारू और प्रखर व्यक्तित्व को देखते हुए प्रशासनिक महकमे में भी इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज होने की चर्चा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस जनसमस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी सक्रिय कदम उठाता है और सौरभ का अगला कदम क्या होता है।
रिपोर्टर : बब्लू खान


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