कोयला साइडिंग,प्रदूषण और बेरोजगारी के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, विधायक प्रकाश राम ने दी सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी

लातेहार/चंदवा : लातेहार जिले के रिचूघुटा पंचायत में सोमवार को हिंडालको बॉक्साइट साइडिंग के समीप ग्रामीणों और मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। हजारों की संख्या में ग्रामीण, मजदूर और बेरोजगार युवा एकजुट होकर कंपनी के खिलाफ जोरदार आंदोलन पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने हिंडालको और प्रस्तावित कोयला साइडिंग परियोजना पर स्थानीय लोगों की अनदेखी, बेरोजगारी, प्रदूषण और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों का कहना था कि कंपनी लगातार क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग कर रही है, लेकिन यहां के युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए, दिन में गाड़ी अनलोडिंग और लोडिंग की सुविधा स्थानीय मजदूरों को मिले तथा गांव में स्कूल, अस्पताल, एंबुलेंस और बेहतर सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पास में बन रही कोयला साइडिंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी स्थानीय मजदूर को रोजगार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में डीवीसी द्वारा तुबैद क्षेत्र से यहां कोयला डंप किया जाएगा, जिससे इलाके में भारी प्रदूषण फैलेगा। इसका असर गांव के कुएं, नदी, तालाब और खेती पर पड़ेगा।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोयले की ढुलाई से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और आम ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि कोयला साइडिंग को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए तथा बायपास रोड से कोयला परिवहन कराया जाए ताकि धूल और प्रदूषण गांवों तक न पहुंचे।सभा को संबोधित करते हुए विधायक प्रकाश राम ने कंपनी पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक स्थानीय लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और सीएसआर फंड से मिलने वाली सुविधाओं की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक ग्रामीण कोयला गिराने नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
वहीं विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने हिंडालको कंपनी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी भी मजदूरों की मजदूरी और स्वास्थ्य का ख्याल रखती थी, लेकिन हिंडालको ग्रामीणों के साथ उससे भी बदतर व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि डीवीसी और कंपनी स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास जीतें, रोजगार और सुविधाएं दें, अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा।आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा।

विधायक प्रकाश राम का बयान

 “कंपनी पहले यहां के ग्रामीणों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क की गारंटी दे। सीएसआर फंड से गांवों का विकास करे, तभी यहां कोयला गिरने देंगे। यदि ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी हुई तो सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। जरूरत पड़ी तो ग्रामीणों के लिए जान भी देने को तैयार हैं।”

विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार का बयान

 “अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी भी मजदूरों की मजदूरी और स्वास्थ्य का ध्यान रखती थी, लेकिन हिंडालको भारतीय कंपनी होकर भी ग्रामीणों के साथ अन्याय कर रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा। डीवीसी और कंपनी ग्रामीणों का विश्वास जीतें, नहीं तो जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।”

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

गांव में स्कूल, अस्पताल और एंबुलेंस सुविधा

कोयला साइडिंग को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए

बायपास रोड से कोयला परिवहन

प्रदूषण रोकने के लिए ठोस व्यवस्था

स्थानीय मजदूरों को लोडिंग-अनलोडिंग कार्य में शामिल किया जाए
सड़क सुरक्षा और दुर्घटना रोकने की व्यवस्था

मौके पर समन्बय यादवक
पवन कुमार
शिवचाण सिह
आशिष प्रसाद  अजय सिंह राहुल कुमारअजय सिंह बैजनाथ प्रसाद
चौधरी लोहराशिव चरण सिंह उमेश सिंह ।बसंत प्रसाद धर्मेन्द्र कुमार समेत हजरों ग्रामीण मौजूद थे।

रिपोर्टर : बब्लू खान

 

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