बालूमाथ में अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज, अमन-चैन व भाईचारे की मांगी दुआ
बालूमाथ : ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व गुरुवार को बालूमाथ एवं आसपास के क्षेत्रों में भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। बालूमाथ ईदगाह में सुबह 6:30 बजे तथा जामा मस्जिद में सुबह 7:15 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। इसके अलावा मुरपा, भैसादोन, मासियातु, मकईयाटांड़, चितरपुर, शेरगड़ा, करमाही समेत आसपास के विभिन्न गांवों की मस्जिदों में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी तथा देश में सुख-शांति, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी।
मौलाना मजहर ने अपने बयान में कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और मानवता का त्योहार है। उन्होंने बताया कि कुर्बानी हजरत इब्राहिम की उस भावना की याद दिलाती है, जिसमें उन्होंने ईश्वर की आज्ञा का पालन करने के लिए सबसे प्रिय चीज तक त्याग करने की तैयारी दिखाई थी।यह पर्व लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारा और जरूरतमंदों की मदद करने की सीख देता है।उन्होंने सभी लोगों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने और समाज में प्रेम व एकता बनाए रखने की अपील की।पर्व को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा तथा नमाज स्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नमाज के बाद लोगों ने परंपरागत तरीके से कुर्बानी की रस्म अदा की।
रिपोर्टर : मो० अरबाज

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