रिचूघुटा में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के बिना कोल साइडिंग नहीं बनने देंगे
लातेहार - सदर प्रखंड की पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को रिचूघुटा गांव में आयोजित की गई। बैठक में हिंडालको बॉक्साइट साइडिंग एवं डीवीसी कंपनी द्वारा प्रस्तावित नई कोयला साइडिंग परियोजना का जोरदार विरोध किया गया। बैठक की अध्यक्षता लातेहार विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने की। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर कंपनियों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की और स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने कहा कि हिंडालको पिछले लगभग 70 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है, लेकिन आज भी आसपास के गांव और पंचायत बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने स्थानीय लोगों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं किया है। इसके कारण ग्रामीणों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब डीवीसी कंपनी द्वारा कोल साइडिंग परियोजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन जब तक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होती और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं की जातीं, तब तक किसी भी कीमत पर परियोजना का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं और अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपने विचार रखे और कहा कि वर्षों से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का दोहन किया जा रहा है, लेकिन इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां केवल संसाधनों का उपयोग कर रही हैं, जबकि प्रभावित गांवों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 9 जून को एक विशाल जनसभा एवं महाबैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लगभग पांच हजार ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर स्थानीय लोगों की मांगों और समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी कंपनियां उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती हैं, तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्र के अधिकार, विकास और स्थानीय युवाओं के भविष्य के लिए है। बैठक के दौरान कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और स्थानीय हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। बैठक में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और सम्मान के लिए वे हर स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।
रिपोर्टर - बब्लू खान
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