सड़क या भ्रष्टाचार का स्मारक? 25 दिन में उखड़ने लगी पीसीसी सड़क, जगह-जगह झांक रही गिट्टियां
लातेहार : नगर पंचायत क्षेत्र के चंदनडीह में पानी टंकी चौक से संत जेवियर स्कूल होते हुए आगे तक हाल ही में निर्मित पीसीसी सड़क अब विकास से अधिक भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पहचान बनती जा रही है। सड़क बने महज 20 से 25 दिन ही हुए हैं, लेकिन कई जगहों पर गिट्टियां बाहर दिखाई देने लगी हैं। सड़क की वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान ही वार्ड संख्या-14 के पार्षद इंद्रदेव उरांव ने उपायुक्त को आवेदन देकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। वहीं तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह और उपाध्यक्ष संतोष रंजन ने भी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था तथा गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और अब सड़क की हालत लोगों के सामने है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीसीसी सड़क की ढलाई में मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि सीमेंट की मात्रा कम रखी गई तथा गिट्टी के साथ अत्यधिक क्रशर डस्ट मिलाकर ढलाई की गई। यही कारण है कि सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद उसकी ऊपरी सतह उखड़ने लगी है और जगह-जगह गिट्टियां झांक रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के अनुरूप हुआ होता तो इतनी जल्दी सड़क की परत कमजोर नहीं पड़ती।
सबसे गंभीर आरोप सड़क के किनारों की भराई को लेकर लगाया जा रहा है। तकनीकी मानकों के अनुसार पीसीसी सड़क के दोनों किनारों पर मोरम या बजरी से बैकफिलिंग की जानी चाहिए थी, ताकि सड़क को मजबूती मिल सके। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोरम की जगह साधारण मिट्टी डालकर कार्य पूरा कर दिया गया। हल्की बारिश के बाद यही मिट्टी सड़क पर फैलकर कीचड़ में तब्दील हो रही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष रूप से पत्रकार राम कुमार के घर के सामने लगभग 100 से 150 मीटर लंबे हिस्से में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में सड़क निर्माण के बाद पर्याप्त बैरिकेडिंग भी नहीं की गई, जिसके कारण ढलाई पूरी तरह मजबूत होने से पहले ही वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। नतीजतन सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने लगी और उसकी वास्तविक गुणवत्ता सामने आ गई।
मोहल्लावासियों के अनुसार सड़क पर फैले कीचड़ और मिट्टी के कारण रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं, जबकि कई महिलाएं स्कूटी से फिसलकर चोटिल भी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और भयावह हो सकती है तथा सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा।
लोगों का आरोप है कि सरकारी राशि से निर्मित इस सड़क में गुणवत्ता और पारदर्शिता की अनदेखी कर जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद किया गया है। उनका कहना है कि सड़क की मौजूदा हालत भ्रष्टाचार, लापरवाही और निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितताओं की कहानी खुद बयां कर रही है।
मोहल्लावासियों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त से सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाने, दोषी संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा सड़क को मानक के अनुरूप पुनर्निर्मित कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि 25 दिनों में ही सड़क की यह स्थिति है, तो आने वाले मानसून में इसका टिक पाना मुश्किल है। ऐसे में यह सड़क विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता स्मारक बनती जा रही है।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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