जिले में टेंडर घोटाले पर प्रशासन सख्त, दोषियों पर होगी विधिसम्मत कार्रवाई: उपायुक्त

लातेहार : लातेहार जिले में इन दिनों चर्चा में चल रहे टेंडर विवाद ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया, जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सौरभ श्रीवास्तव ने उपायुक्त संदीप कुमार से मुलाकात कर जिले में विभिन्न विभागों से जारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं पर गहन परिचर्चा की।

इस दौरान उन्होंने गत दिनों उप विकास आयुक्त को सौंपे गए आवेदन की जानकारी देते हुए उपायुक्त को भी एक विस्तृत आवेदन सौंपा।

सूत्रों के अनुसार उपायुक्त कार्यालय में हुई लंबी परिचर्चा के दौरान सौरभ श्रीवास्तव ने जिले में टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग रखी।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग और जनप्रतिनिधि टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर अपने मनपसंद लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे न केवल टेंडर प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है बल्कि योग्य संवेदकों को समान अवसर भी नहीं मिल पाता।

मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त संदीप कुमार ने सौरभ श्रीवास्तव को आश्वस्त किया कि जिले में टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रशासन हर आवश्यक कदम उठाएगा। 

उपायुक्त ने बताया कि बीते दिनों विभिन्न विभागों से जारी टेंडरों में अनियमितताओं की शिकायतें उनके संज्ञान में आई हैं, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता से विचार किया है।

उपायुक्त ने जानकारी दी कि पूरे मामले की तकनीकी और गहन जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है, जो हाल के दिनों में आवंटित टेंडरों की विस्तृत समीक्षा करेगी।यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित टेंडरों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन माध्यम से पुनः टेंडर जारी किए जाएंगे।

उपायुक्त से मुलाकात के बाद सौरभ श्रीवास्तव ने प्रशासन की सकारात्मक पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टेंडर विवाद पर प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई करेगा तथा दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि उपायुक्त की जनमुद्दों के प्रति संवेदनशीलता लातेहार जिले के लिए सकारात्मक संकेत है और वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस पूरे मामले का निष्पक्ष समाधान निकले।

सौरभ ने कहा कि जिले में किसी भी कीमत पर टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जांच समिति निष्पक्ष तरीके से अपना निर्णय दे तथा यदि किसी अधिकारी या संबंधित पक्ष की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए नहीं तो इस लड़ाई को आगे ले कर जाएँगे।
सौरभ ने कहा कि उन्होंने आवेदनों की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय और महामहिम राज्यपाल को भी प्रेषित की है इसलिए मामले की लिपापोती संभव नहीं।

इधर, उपायुक्त की पहल के बाद संभावित रूप से आरोपों के घेरे में आए लोगों में हलचल तेज हो गई है, वहीं टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले कई संवेदकों ने प्रशासन की सक्रियता पर संतोष जताते हुए निष्पक्ष जांच की उम्मीद व्यक्त की है।

फिलहाल, झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव की पहल के बाद लातेहार का टेंडर विवाद लगातार नए मोड़ ले रहा है।अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्टर : बब्लू खान  

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