खराब चापाकल और बंद जलमीनार से गुरतुर में गहराया जल संकट, ग्रामीण नदी से पानी लाने को मजबूर

बालूमाथ : प्रखंड की रजवार पंचायत अंतर्गत गुरतुर गांव में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। गांव में स्थित जलमीनार पिछले करीब छह माह से बंद पड़ा है, जबकि अधिकांश चापाकल भी खराब होने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में चार चापाकल हैं, लेकिन सभी खराब पड़े हुए हैं। एक जलमीनार किसी तरह चालू है, पर उसके नलों से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं निकलता। इसके चलते ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, को प्रतिदिन लगभग आधा किलोमीटर दूर नदी से पानी लाकर अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच उत्पन्न जल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गांव से गुजरने वाले राहगीरों को भी पेयजल के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या की जानकारी कई बार दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीण आशीष बैध, पुरुषोत्तम बैध, नूनी सिंह, लालो देवी सहित अन्य लोगों ने उपायुक्त एवं प्रशासन से जल्द से जल्द खराब चापाकलों की मरम्मत कराने तथा बंद जलमीनार को दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।

रिपोर्टर : मो० अरबाज 

 

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