रेशमी मेटालिक्स प्रबंधन के खिलाफ धरना जारी, काम बंद करने की चेतावनी

लातेहार :  चन्दवा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चकला बाना स्थित रेशमी मेटालिक्स कंपनी के खिलाफ पुराने रैयतों एवं मैनपावर कर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर सोमवार से कर्मियों ने कंपनी के मुख्य द्वार पर संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो व्यापक आंदोलन के साथ-साथ काम बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।धरना पर बैठे रैयतों और कर्मियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने पूर्व में लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि अप्रैल 2026 के अंत तक सभी पुराने कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से रोजगार दिया जाएगा। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पुराने कर्मी अब भी काम से वंचित हैं, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।मैनपावर कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2008 से कोरपोरेट पावर लिमिटेड में जमीनदाता एवं मैनपावर कर्मी के रूप में कार्यरत लोग कंपनी के अधिग्रहण के बाद से रोजगार की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन के बाद कुछ लोगों को काम पर रखा गया, लेकिन शेष कर्मियों के संबंध में किए गए वादे आज तक पूरे नहीं किए गए।संघ के अध्यक्ष चन्द्रदेव उरांव ने कहा कि कंपनी प्रबंधन लगातार आश्वासन देकर समय बिताने का काम कर रहा है।उन्होंने कहा कि रैयतों और कर्मियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। यदि प्रबंधन ने अपने लिखित समझौते का पालन करते हुए सभी पुराने कर्मियों को रोजगार नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर काम बंद करने सहित अन्य लोकतांत्रिक कदम उठाए जाएंगे।आंदोलनकारियों ने उपायुक्त लातेहार को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि कंपनी प्रबंधन को उसके लिखित आश्वासन के अनुरूप सभी पात्र पुराने कर्मियों को रोजगार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए।मुख्य द्वार पर जारी धरना-प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में आंदोलन को लेकर चर्चा तेज है। वहीं, प्रभावित परिवारों का कहना है कि रोजगार बहाली तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्टर : बब्लू खान 

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