दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना लोकतंत्र पर हमला, युवाओं की आवाज़ दबाना बंद करे केंद्र सरकार : राजेंद्र भगत

लातेहार चंदवा : दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए घटनाक्रम को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा छात्रसंघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र भगत ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश का युवा आज अपने अधिकार, रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इन गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय युवाओं की आवाज़ को दबाने का प्रयास करती दिखाई दे रही है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।

राजेंद्र भगत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के युवाओं का विश्वास लगातार टूटता जा रहा है। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया। परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए, लेकिन युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कदम दिखाई नहीं दिए। इससे छात्रों और अभिभावकों के मन में गहरी चिंता उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, बेरोजगारी और भविष्य को लेकर बढ़ती निराशा के कारण कई युवाओं और छात्रों की दुखद मौतों की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। ऐसी घटनाएं केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा हैं जिन्होंने अपने सपने खो दिए। सरकार का दायित्व है कि वह ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए और युवाओं को विश्वास दिलाए कि उनकी मेहनत और भविष्य सुरक्षित है।

राजेंद्र भगत ने कहा कि जंतर-मंतर पर यदि युवा और छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। लोकतंत्र की ताकत संवाद, संवेदनशीलता और जनभावनाओं के सम्मान में निहित है, न कि टकराव और दमन की राजनीति में। सरकार को विरोध की आवाज़ को दुश्मन की तरह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की स्वस्थ अभिव्यक्ति के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज देश का युवा रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, बढ़ती महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब चाहता है। लेकिन इन विषयों पर ठोस समाधान देने के बजाय यदि युवाओं की आवाज़ को अनदेखा किया जाएगा, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा छात्रसंघ का मानना है कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि वह युवाओं की भावनाओं का सम्मान करे, सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करे, रोजगार सृजन के लिए प्रभावी कदम उठाए तथा आंदोलनरत छात्रों और युवाओं की बात सुनने के लिए संवाद का रास्ता अपनाए।

राजेंद्र भगत ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा छात्रसंघ हमेशा छात्रों, युवाओं, गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लड़ता रहेगा। संगठन देश के हर उस युवा के साथ मजबूती से खड़ा है जो अपने अधिकार, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा है।

रिपोर्टर : बब्लू खान 

 

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