BDS डॉक्टर के भरोसे ओपीडी क्यों? चंदवा अस्पताल की व्यवस्था पर झामुमो नेता सौरभ का बड़ा सवाल!

लातेहार/चंदवा :झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सौरभ श्रीवास्तव ने चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मीडिया को बताया कि चिकित्सकों की कमी के कारण यहां मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जो गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि चंदवा जैसे महत्वपूर्ण एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों की सेवा करता है, लेकिन पर्याप्त MBBS चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

प्रेस बयान जारी करते हुए सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि यदि किसी भी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया जाए तो देखा जा सकता है कि BDS के द्वारा ओपीडी में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। 

सौरभ ने कहा कि चिकित्सकों की कमी अपनी जगह एक गंभीर समस्या है, लेकिन इसके कारण मरीजों के स्वास्थ्य को जोखिम में डालना उचित नहीं माना जा सकता।

सौरभ ने कहा कि बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में सामान्य रोगियों का उपचार और चिकित्सकीय परामर्श मुख्य रूप से MBBS चिकित्सकों द्वारा किया जाना चाहिए।ऐसे में लंबे समय तक BDS चिकित्सक के भरोसे ओपीडी चलना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस स्थिति का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में लातेहार के सिविल सर्जन को एक पत्र भेजकर मांग की गई है कि 30 दिनों के भीतर चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त MBBS चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते इस विषय का समाधान नहीं निकलता है तो इस विषय को लेकर वे जल्द ही झारखंड सरकार एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से भी मुलाकात कर चंदवा में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग करेंगे।

सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि चंदवा की जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है और इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि चंदवा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरे प्रखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है। ऐसे में यहां पर्याप्त चिकित्सकों और संसाधनों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय डॉ. प्रकाश बड़ाई के निधन के बाद से चिकित्सकों की कमी स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही है, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

उन्होंने कहा कि बीते दिनों चंदवा के दामोदर क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एंबुलेंस की कमी, चिकित्सकों की कमी तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्थानीय लोगों में व्यापक नाराजगी देखने को मिली थी। ऐसी परिस्थितियां इस बात का संकेत हैं कि चंदवा जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र को तत्काल अतिरिक्त संसाधनों और चिकित्सकों की आवश्यकता है।

सौरभ ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या चिकित्सक पर प्रश्न उठाना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना है।

सौरभ के इस बयान का स्थानीय लोगों ने स्वागत करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाना आवश्यक है।लोगों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से चंदवा अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

रिपोर्टर : बब्लू खान 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.