मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय में बवाल: प्राचार्य बोलीं– कुर्सी हथियाने की साजिश, छात्राओं को बनाया जा रहा मोहरा
लातेहार : शहर के बीचों-बीच स्थित जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय में शुरू हुआ विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है। छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद शुक्रवार को विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य ज्योति ज्योत्सना ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय के कुछ शिक्षक उन्हें हटाकर प्राचार्य की कुर्सी हासिल करना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से छात्राओं को उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि इससे विद्यालय का माहौल खराब हो रहा है और छात्राओं का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
'चार वर्षों से प्रभारी हूं, पहले कभी शिकायत नहीं हुई'
प्राचार्य ज्योति ज्योत्सना ने कहा कि वह पिछले सात वर्षों से इस विद्यालय में कार्यरत हैं और पिछले चार वर्षों से प्रभारी प्राचार्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे कार्यकाल में कभी किसी छात्रा ने इस तरह की शिकायत नहीं की। लेकिन पिछले कुछ दिनों से अचानक माहौल बदल गया है और कुछ लोग छात्राओं को गुमराह कर विद्यालय की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
'30 हजार रुपये महीना मांगने का बनाया जा रहा दबाव'
प्राचार्य ने प्रेस वार्ता के दौरान एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार और उत्तम कुमार द्वारा उनसे हर महीने 30 हजार रुपये देने का दबाव बनाया जाता था। उनका आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने के बाद कुछ शिक्षकों के साथ मिलकर उनके खिलाफ माहौल तैयार किया गया और छात्राओं को भी इस विवाद में शामिल किया गया, ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके और पद से हटाया जा सके।
छात्राओं ने कमरे में पहुंचकर किया हंगामा
प्रेस वार्ता के दौरान ही कुछ छात्राएं मोबाइल फोन लेकर प्राचार्य के कक्ष में पहुंच गईं और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद छात्राओं ने प्राचार्य कक्ष के बाहर हंगामा किया और वहां मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों से भी तीखी बहस की। विद्यालय परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई छात्राओं के अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। कुछ अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चे वर्षों से इस विद्यालय में पढ़ रहे हैं और उन्होंने कभी किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत नहीं की। उनका कहना था कि पहले की तुलना में विद्यालय की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।
क्या बोले उत्तम कुमार
प्राचार्य द्वारा लगाए गए आरोपों पर कंप्यूटर ऑपरेटर उत्तम कुमार ने कहा कि उनका प्राचार्य से कोई व्यक्तिगत संपर्क नहीं रहता। उन्होंने कहा कि जब भी कोई कार्यालयी कार्य होता है, वह अन्नपूर्णा मैडम के माध्यम से ही बात करते हैं। ऐसे में प्राचार्य से हर महीने 30 हजार रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
छात्राओं ने लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि गुरुवार को विद्यालय की कई छात्राएं समाहरणालय पहुंची थीं और उपायुक्त संदीप कुमार को लिखित शिकायत सौंपते हुए प्राचार्य और एक अन्य शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं का कहना था कि विद्यालय में नियमित पढ़ाई नहीं होती, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है और शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। कुछ छात्राओं ने नामांकन के नाम पर पैसे लेने का भी आरोप लगाया था। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई सार्वजनिक दस्तावेज या प्रमाण सामने नहीं आया है।
क्या बोले जिला शिक्षा पदाधिकारी
इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी गौतम साहू ने दूरभाष पर बताया कि उन्हें विद्यालय में छात्राओं के हंगामे की जानकारी मिली है। प्रथम दृष्टया मामला विद्यालय के अंदरूनी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच टीम मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
विद्यालय में लगातार दूसरे दिन हुए घटनाक्रम के बाद शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और छात्राओं के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब पूरे मामले में सभी की नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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