हरियाली तीज भक्ति, सुहाग और प्रकृति के श्रृंगार का अनुपम पर्व : विजय बहादुर सिंह
महुआडांड़ : सावन की हरियाली, रिमझिम फुहारों और प्रकृति के मनोहारी श्रृंगार के बीच मनाया जाने वाला हरियाली तीज भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, दांपत्य प्रेम और प्रकृति प्रेम का अनुपम पर्व है। इस वर्ष हरियाली तीज का पर्व शनिवार, 15 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।इस अवसर पर माननीय विधायक पुत्र सह प्रदेश समन्वयक विजय बहादुर सिंह ने क्षेत्रवासियों को हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन, अखंड सौभाग्य, दांपत्य प्रेम और प्रकृति के श्रृंगार का प्रतीक है। यह पर्व हमारी समृद्ध सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करता है।”उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट श्रद्धा और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी पावन प्रसंग की स्मृति में हरियाली तीज का व्रत एवं पूजन किया जाता है।विजय बहादुर सिंह ने कहा कि हरियाली तीज विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना करती हैं। महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं।उन्होंने कहा कि हरे परिधान, मेहंदी, चूड़ियां, सोलह श्रृंगार, झूले और तीज के पारंपरिक गीत इस पर्व की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। सावन की हरियाली नवजीवन, समृद्धि और नई ऊर्जा का संदेश देती है।उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि हरियाली तीज के अवसर पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया जाए। प्रकृति की रक्षा करना हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है।अंत में विजय बहादुर सिंह ने पूरे मनिका विधानसभा के पूरे क्षेत्र की माताओं-बहनों एवं समस्त ग्रामीणों को हरियाली तीज की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं देते हुए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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