ई-कोर्ट्स परियोजना से न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी, कर्मचारियों को दिया गया रिफ्रेशर कंप्यूटर प्रशिक्षण
लातेहार - व्यवहार न्यायालय लातेहार में ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत न्यायालय कर्मियों के लिए विशेष रिफ्रेशर कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य न्यायालय के दैनिक कामकाज को अधिक डिजिटल, पारदर्शी, व्यवस्थित और त्वरित बनाना है। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी प्रणालियों और ई-कोर्ट्स से संबंधित विभिन्न सॉफ्टवेयर के बेहतर संचालन की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) शेष नाथ सिंह, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्र तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव विशेष रूप से उपस्थित रहे। वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में न्यायालय कर्मियों को कंप्यूटर आधारित न्यायिक कार्यप्रणाली की बारीकियों से अवगत कराया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह ने कर्मचारियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में न्यायिक कार्यों को प्रभावी और त्वरित बनाने में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। तकनीकी जानकारी को बढ़ाकर और उसका सही तरीके से उपयोग करके न्यायालय की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाया जा सकता है।पीडीजे ने कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि न्यायालय में आने वाले आम लोगों को सुलभ, पारदर्शी और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों का दक्ष और जिम्मेदार होना आवश्यक है।रिफ्रेशर कंप्यूटर प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को केस मैनेजमेंट, डेटा एंट्री, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा ई-कोर्ट्स से जुड़े विभिन्न सॉफ्टवेयर के संचालन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से न्यायालय के कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता प्रदान की गई।अधिकारियों ने कहा कि ई-कोर्ट्स परियोजना का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। तकनीकी प्रशिक्षण से कर्मचारियों को डिजिटल प्रणाली के इस्तेमाल में सुविधा होगी और न्यायालय के दैनिक कार्यों में अनावश्यक देरी को कम करने में मदद मिलेगी।प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद उम्मीद जताई गई कि न्यायालय कर्मी सीखी गई तकनीकी जानकारी का व्यवहारिक कार्यों में बेहतर इस्तेमाल करेंगे। इससे लातेहार व्यवहार न्यायालय के कामकाज में तेजी आने के साथ-साथ रिकॉर्ड और केस संबंधी कार्यों के डिजिटल प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही आम लोगों को न्यायिक सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
रिपोर्टर - बब्लू खान
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