ईद मिलादुन्नबी पर अंजुमन इस्लामिया के कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने दिया सर्वधर्म समभाव का संदेश
लातेहार : लातेहार अंजुमन इस्लामिया के बैनर तले बुधवार, 26 अगस्त को जिला खेल स्टेडियम में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जनसभा एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंजुमन इस्लामिया के सदर आफताब आलम ने की, जबकि संचालन हाफिज बरकत आलम ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद सह झामुमो केंद्रीय सदस्य बैद्यनाथ राम एवं उनके प्रतिनिधि सह पुत्र प्रभात कुमार शामिल हुए। अतिथियों का गुलदस्ता एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया।
बैद्यनाथ राम ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने कहा कि भारत की पहचान आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सर्वधर्म समभाव से है। सभी धर्म मानवता, प्रेम, सम्मान, सेवा और एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम, सनातन, ईसाई, बौद्ध सहित सभी धर्मों में मानव कल्याण और इंसानियत को सर्वोच्च महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलते हुए लोगों को देश से प्रेम करने के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति मोहब्बत, सम्मान और सद्भाव बनाए रखना चाहिए। समाज में शांति और भाईचारा कायम रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर रहने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।
उलेमाओं ने पैगंबर की सीरत पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम में तंजिम ओलमा अहले सुन्नत से जुड़े कई उलेमा एवं वक्ताओं ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा की सीरत और उनके जीवन संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुफ्ती मोदस्सीर अमजदी, मौलाना वारिश जमाल, मौलाना राजाउल्लाह एवं मौलाना परवेज अशरफी ने अपने संबोधन में कहा कि हजरत मोहम्मद साहब का जीवन पूरी इंसानियत के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।
वक्ताओं ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने लोगों को सच्चाई, अमानतदारी, गरीबों एवं जरूरतमंदों की मदद, पड़ोसियों के अधिकारों का सम्मान, आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया। उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील रहने की सीख दी।
सीरत को जीवन में उतारने की अपील
उलेमाओं ने कहा कि नबी की सीरत को केवल सुनना, धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होना या नात पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है। उनकी शिक्षाओं और आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारना ही वास्तविक सीख है। सच्चाई, अच्छे अखलाक, सब्र, माफी, नमाज और जरूरतमंदों की सहायता जैसे गुणों को जीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती दूरियों को खत्म करने के लिए लोगों को एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए। गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की मदद करना सामाजिक जिम्मेदारी है। आपसी प्रेम और सद्भाव से ही समाज में शांति और मजबूती कायम रह सकती है।
धार्मिक कार्यक्रम में उमड़ी लोगों की भीड़
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक एवं सामाजिक संदेशों के साथ लोगों को शांति, सद्भाव और मानवता के रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने और हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
कार्यक्रम में हाफिज वसीम, गुलाम जाबिर, महबूब हसन, खुशनूर, मौलाना मकसूद, कारी इरफान, हाफिज शोएब, कारी रजा, जावेद खान, शमशाद आलम, अख्तर, अयूब, सरताज, शमसेर, रिजवान खान, लड्डन, सरवर, वारिश, टिंकू, नसीम, नासरुद्दीन, अब्दुल गफूर अयूब अंसारी आजाद खान, एहसान अंसारी, विशाल, रशीद, दीपक समेत अंजुमन के पदाधिकारी, उलेमा, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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