सोलर जलमीनार के नाम पर ₹1.49 लाख भुगतान का आरोप
लातेहार : प्रखंड क्षेत्र में सोलर जलमीनार निर्माण योजनाओं के नाम पर बिना काम कराए सरकारी राशि की निकासी किए जाने के आरोप ने प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज कर दी है। मामले को लेकर झामुमो लातेहार प्रखंड अध्यक्ष आर्सेन तिर्की ने उप विकास आयुक्त, लातेहार को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग किया गया था
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत भूसुर के सरईडीह उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में बच्चों की सुविधा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सोलर जलमीनार निर्माण की योजना स्वीकृत की गई थी। योजना संख्या 16/2025-26 के तहत करीब ₹1,49,000 की राशि निर्धारित बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्थल पर सोलर जलमीनार का निर्माण कराए बिना ही संबंधित वेंडर अनिका इंटरप्राइजेज, मनिका के नाम से 10 जुलाई 2026 को ₹1.49 लाख का भुगतान करा लिया गया।
शिकायत में इसी तरह भूसुर अखाड़ा के पास योजना संख्या 11/2025 तथा ग्राम पंचायत ईचाक में चबूतरा के पास योजना संख्या 15/2025-26 के तहत सोलर जलमीनार निर्माण की राशि निकासी पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि योजनाओं में वास्तविक निर्माण कार्य और भुगतान के बीच गंभीर अनियमितता हुई है।
आवेदन में संबंधित वेंडर के साथ-साथ जेई, एई, मुखिया एवं पंचायत सचिव की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर मापी पुस्तिका एवं वाउचर के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सरकारी राशि निकाली गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सबसे गंभीर मांग यह है कि वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के दौरान लातेहार, मनिका, बालूमाथ, हेरहंज और चंदवा प्रखंडों में अनिका इंटरप्राइजेज से संबंधित योजनाओं और भुगतानों की भी गहन जांच कराई जाए। साथ ही वेंडर के बैंक खाते की जांच कर संदिग्ध लेन-देन का सत्यापन करने, दोष सिद्ध होने पर mवेंडर का पंजीकरण निरस्त करने और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई थी।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास मंत्री, उपायुक्त लातेहार और प्रखंड विकास पदाधिकारी लातेहार को भी आवेदन की प्रतिलिपि भी भेजी गई थी
अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच की दिशा में सबकी निगाहें टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी योजनाओं में कागजी काम दिखाकर राशि निकालने की गंभीर गड़बड़ी का उदाहरण बन सकता है। वहीं, संबंधित पक्ष का जवाब और प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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