नंगे बिजली तार की चपेट में आने से वयस्क हाथी की मौत
बालूमाथ : लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड के झाबर पंचायत के कोमर गांव स्थित कुसीटोला में रविवार देर रात नंगे बिजली तार की चपेट में आने से एक वयस्क जंगली हाथी की मौत हो गई. बताया जाता है कि करीब पांच दिन पहले हाथियों के झुंड ने बीफा उरांव के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया था और घर में रखा अनाज खा गया था. इससे परेशान बीफा उरांव ने अपने घर के आसपास नंगे बिजली तार बिछा दिए थे.
रविवार की रात हाथियों का झुंड दोबारा गांव पहुंचा. इसी दौरान बीफा उरांव ने बिछाए गए तार में करंट प्रवाहित कर दिया और खुद कोमर डैम के पास जाकर छिप गया. हाथियों के झुंड में शामिल एक वयस्क हाथी तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलने के बाद लातेहार डीएफओ प्रवेश अग्रवाल और रेंजर नंदकुमार मेहता घटनास्थल पर पहुंचे. वन विभाग की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया. टीम में डॉ. नीलिमा तिर्की, डॉ. धनेश, गणेश माली और प्रमोद कुमार शामिल थे.
चिकित्सकों ने हाथी के आंतरिक अंगों और पाचन तंत्र से विसरा के नमूने लिए हैं. नमूनों की जांच के बाद हाथी की मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि होगी.पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को जंगल में दफना दिया गया. डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. जांच में दोषी पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
वन समिति ने पहले ही किया था आगाह
वन समिति अध्यक्ष सुनील उरांव ने बताया कि ग्रामीणों को पहले ही नंगे बिजली तार लगाने से मना किया गया था. इसके बावजूद घर के आसपास तार बिछाया गया. उन्होंने कहा कि हाथियों से बचाव के लिए जानलेवा उपाय करना ग्रामीणों के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी खतरनाक है.
बिजली कनेक्शन भी बताया गया अवैध
बिजली विभाग के एसडीओ के अनुसार बीफा उरांव के घर का बिजली कनेक्शन भी अवैध है. विभागीय स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है.
एक माह में पांच एकड़ सब्जी की फसल बर्बाद
कोमर और आसपास के गांवों में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है. ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक माह में हाथियों ने लवलेश सिंह की करीब पांच एकड़ सब्जी की फसल बर्बाद कर दी. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों से हो रहे नुकसान के अनुरूप उन्हें मुआवजा नहीं मिल रहा है.
जान जोखिम में डालकर हाथी भगाते हैं ग्रामीण
हाथी भगाओ दल के सदस्य पवन साहू, बाबूलाल गंझू, दीपक साव और रति पाहन समेत अन्य ग्रामीण हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर भगाने का प्रयास करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों में आने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.
पहले भी हो चुकी है हाथियों की मौत
वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में हाथियों की मौत की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. वर्ष 2022 में रेन्ची जंगल और 2023 में गणेशपुर के बघौता में भी हाथियों की मौत हुई थी.
वन विभाग की अपील
हाथियों से बचाव के लिए बिजली का नंगा तार, करंट या कोई अन्य जानलेवा उपाय न करें. ऐसे उपाय इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं. हाथियों के आबादी क्षेत्र में आने की स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की गई है.
रिपोर्टर : मो० अरबाज
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