मजदूरों की हालत बदलने को संघर्ष जरूरी : केडी सिंह
चंदवा : लादू बाबू बैंक्विट हॉल में झारखंड दैनिक मजदूरी यूनियन (एटक) का दूसरा सम्मेलन सह चिंतन शिविर आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव केडी सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि मजदूर अपने श्रम से देश और दुनिया का निर्माण करते हैं, लेकिन आज भी उन्हें सम्मानजनक मजदूरी, सुरक्षित काम और बच्चों की बेहतर शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
केडी सिंह ने कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों को कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जबकि मजदूरों को कई शहरों में फुटपाथ पर रहने को मजबूर होना पड़ता है। इस असमानता को खत्म करने के लिए व्यवस्था में बदलाव और मजदूरों का संघर्ष जरूरी है।
सम्मेलन की शुरुआत एटक का झंडा फहराने के साथ हुई। मजदूरों ने इंकलाब जिंदाबाद और शहीद साथियों को लाल सलाम के नारे लगाए। सुरेश वासपति और धनेश्वर तुरी की अध्यक्षता में हुई सभा का संचालन संजय गोप और अनिल साहू ने किया।
निर्माण कामगार संघ, बिहार के महासचिव नारायण पूर्वे ने कहा कि मजदूरों के हित में बने कानूनों को कमजोर किया जा रहा है। अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन को मजबूत करना जरूरी है। प्रेम प्रकाश और युवा कवि गुरमीत सिंह ने भी विचार रखे।
दूसरे सत्र में अध्यक्ष प्रमोद साहू ने सांगठनिक व राजनीतिक प्रतिवेदन पेश किया। चर्चा के बाद 15 सदस्यीय नई कमेटी चुनी गयी। संजय गोप अध्यक्ष, धनेश्वर तुरी सचिव और सुरेश वासपति कोषाध्यक्ष बने। सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने और मजदूरों के हित में आगे की योजनाएं भी तय की गयीं। इसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मजदूर शामिल हुए।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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