MMDR संशोधन के विरोध में चंदवा में झामुमो का जोरदार धरना, सैकड़ों लोगों ने दिखाई एकजुटता
लातेहार - MMDR संशोधन के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश एवं लातेहार जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के निर्देशानुसार शनिवार को चंदवा प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी ने की, जबकि मंच संचालन जिला प्रवक्ता सह मंच संचालक शमशेर खान ने किया। धरना में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद बैजनाथ राम एवं जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव शामिल हुए। दोनों नेताओं ने MMDR संशोधन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार तरीके से अपनी बात रखी।
राज्यसभा सांसद बैजनाथ राम ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की धरती खनिज संपदा से समृद्ध है और यहां के खनिज संसाधनों पर सबसे पहला हक झारखंड की जनता और राज्य के हितों का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि MMDR संशोधन से जुड़े प्रावधानों को लेकर झारखंड के हितों और अधिकारों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड की जनता की भावनाओं और राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की मांग की।
वहीं जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड ने देश के औद्योगिक विकास में अपने खनिज संसाधनों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन अब समय आ गया है कि राज्य के संसाधनों का लाभ यहां की जनता, स्थानीय युवाओं और राज्य के विकास को मिले। उन्होंने कहा कि झामुमो झारखंड के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज लगातार बुलंद करता रहेगा।
जिला प्रवक्ता सह मंच संचालक शमशेर खान ने भी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि MMDR संशोधन झारखंड के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर राज्य का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि झामुमो झारखंड के अधिकारों और हितों की लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ आगे बढ़ाता रहेगा।
जिला उपाध्यक्ष सितमोहन मुंडा ने भी MMDR संशोधन के विरोध में जोरदार भाषण देते हुए कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है। धरना को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा—
“केंद्र सरकार होश में आओ, झारखंड के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद करो और यह काला बिल वापस लो।”
कार्यक्रम में जिला कमेटी, युवा मोर्चा, केंद्रीय समिति, प्रखंड एवं पंचायत समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में पप्पन खान, मोहन गंझू, शमशेर खान, रंजीत उरांव, अंकित तिवारी, राजेंद्र भगत, नौशाद अंसारी, रॉबिन उरांव, मोहम्मद सरफराज, रतनू गंझू, फिरोज राय, सुमन सोरेन, हरि भगत, जातरू मुंडा, इजहार खान, ब्रह्मदेव प्रजापति, डब्ल्यू प्रजापति, राशिद खान, रोहित अग्रवाल, अंकित कुमार, बबलू राही, कृपाचार्य सिंह, नवनीत कुमार, मासूम खान, धनु खान, संजय यादव, मोहम्मद इजराफिल, शंकर टाना भगत, केशर सिंह, दीपू गंझू, शंकर उरांव, अख्तर अंसारी, जाफीर अंसारी, चंद्रदेव गंझू, सुनील गंझू, सुभाष लोहारा एवं कामेश उरांव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महिला कार्यकर्ताओं में रेणु देवी, बबिता देवी, पिंकी देवी, सोनामती देवी, श्यामसुंदरी देवी, ममता देवी, पूनम देवी, अहिल्या देवी, संगीता देवी, सुमित्रा देवी एवं ललिता देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। धरना समाप्त होने के बाद झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी, चंदवा को MMDR संशोधन के विरोध एवं झारखंड के हितों की रक्षा से संबंधित ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी से धरना स्थल झामुमो के नारों से गूंजता रहा। नेताओं ने कहा कि झारखंड के अधिकार और हितों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का लोकतांत्रिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
रिपोर्टर - बब्लू खान
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