कोयला चोरी की इजाजत नहीं’—सौरभ के बयान के बाद पांच हाइवा पर कार्रवाई
लातेहार - जिले में अवैध कोयला उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ अब कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। कोयला चोरी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सौरभ श्रीवास्तव द्वारा हाल ही में दिए गए कड़े बयान के बाद सोमवार को CISF बालुमाथ पुलिस और CCL की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच हाइवा वाहनों को जब्त किया है। बताया जा रहा है कि इन वाहनों में अवैध रूप से कोयला लदा हुआ था।कार्रवाई के बाद कोयला कारोबार से जुड़े कथित अवैध सिंडिकेट में हड़कंप की स्थिति है। जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम ने मगध-आम्रपाली परियोजना क्षेत्र के समीप कार्रवाई करते हुए पांच हाइवा को पकड़ा।जब्त वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए बालूमाथ थाना लाया गया है। मामले में संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आ रही है।
सौरभ के बयान के बाद बढ़ी थी हलचल
गौरतलब है कि लातेहार जिले में कथित अवैध कोयला कारोबार को लेकर JMM नेता सौरभ श्रीवास्तव ने कुछ दिनों पूर्व कड़ा बयान जारी किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले अवैध कोयला कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि प्रशासन और सरकार अपनी जिम्मेदारी के प्रति गंभीर हैं तथा कोयला चोरी और तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अवैध कारोबार में सक्रिय तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा था कि सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने और क्षेत्र में अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों को सावधान हो जाना चाहिए। सौरभ श्रीवास्तव के इस बयान के बाद जिले के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी।अब पुलिस, CISF और CCL की संयुक्त कार्रवाई को उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सर्दी में बढ़ जाता है अवैध कोयले का कारोबार
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा लंबे समय से होती रही है कि सर्दियों के मौसम में कोयले की मांग बढ़ने के साथ अवैध उत्खनन, परिवहन और कारोबार की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं। कथित सिंडिकेट के माध्यम से कोयले के अवैध कारोबार से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसी को लेकर सौरभ श्रीवास्तव ने सरकार के पक्ष में मोर्चा संभालते हुए विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का भी जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली अबुआ सरकार अवैध कोयला कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
कार्रवाई से उठे कई सवाल, आगे की कार्रवाई पर नजर।
पांच हाइवा की जब्ती के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन वाहनों में लदा कोयला कहां से आया, इसका गंतव्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे। यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क या सिंडिकेट की भूमिका सामने आती है तो आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल CISF और CCL की संयुक्त कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दिया है कि अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई का सिलसिला तेज हो सकता है।
“कोयला चोरी पर नहीं लगेगी लगाम तो आंदोलन होगा तेज”
कोयला चोरी से परेशान स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो अवैध कोयला कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं, सौरभ श्रीवास्तव की पहल के बाद हुई इस कार्रवाई को उउनके द्वारा उठाए गए मुद्दे का असर भी माना जा रहा है।हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर जांच और आधिकारिक कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि पांच हाइवा की जब्ती के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या कार्रवाई केवल वाहनों की जब्ती तक सीमित रहती है या कथित कोयला सिंडिकेट से जुड़े बड़े नाम भी जांच के दायरे में आते हैं। बहरहाल, लातेहार में कोयला चोरी के खिलाफ हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।
रिपोर्टर - बब्लू खान

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