बालूमाथ में नो एंट्री की मांग को लेकर आजसू प्रखंड अध्यक्ष ने जिला प्रशासन पर उठाए सवाल
बालूमाथ : बालूमाथ प्रखंड में नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर आजसू पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष सह युवा नेता शंकर उरांव ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बालूमाथ में लंबे समय से नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार आवेदन के माध्यम से जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया है। हाल के दिनों में व्यवसायियों ने भी इस मांग को मजबूती से उठाया है, जो सराहनीय है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इस मांग की अनदेखी करना आम जनता के हित में नहीं है। शंकर उरांव ने कहा कि कुछ दिन पूर्व बालूमाथ प्रखंड कार्यालय के सभागार में नो एंट्री की मांग को लेकर एसडीओ की अध्यक्षता में आम लोगों की बैठक हुई थी। हालांकि, बैठक के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी यह कहते हैं कि इस मामले में वरीय पदाधिकारियों से बात करनी होगी, तो फिर बिना ठोस निर्णय के जनता के बीच वार्ता करने का क्या औचित्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल दो घंटे की नो एंट्री लागू कर बालूमाथ की जनता को आश्वासन देकर संतुष्ट करने का प्रयास कर रहा है। उनकी मांग है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए नो एंट्री की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।आजसू प्रखंड अध्यक्ष ने व्यवसायियों से अपील की कि यदि वे वास्तव में नो एंट्री लागू कराना चाहते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्र तक के व्यवसायी एक संचालन समिति का गठन करें और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएं। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों और सरकारी स्कूलों के छात्रों से भी इस जनहित के मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने की अपील की। शंकर उरांव ने बाईपास सड़क निर्माण को लेकर कंपनी द्वारा 15 दिनों में जमीन का सर्वे कराने की बात पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस मामले में ठोस पहल नहीं हुई, तो बाईपास सड़क का निर्माण वर्षों तक लंबित रह सकता है। उन्होंने कहा कि नो एंट्री की मांग को सफल बनाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर आंदोलन को व्यापक रूप देना होगा।
रिपोर्टर : मो० अरबाज

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