वंचित दलित टोले में पहुंचीं जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी, दिव्यांग बच्चों को प्रमाण पत्र और पेंशन दिलाने की पहल

बालूमाथ :  जनसेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए लातेहार जिला परिषद की उपाध्यक्ष अनीता देवी ने गांव भ्रमण के दौरान एक वंचित दलित टोले में पहुंचकर दिव्यांग बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने एक परिवार के दिव्यांग बच्चे और बच्ची को दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं पेंशन का लाभ दिलाने के लिए तत्काल पहल की। उनकी इस पहल से परिवार में उम्मीद की नई किरण जगी है। जानकारी के अनुसार, गांव भ्रमण के दौरान अनीता देवी को ग्रामीणों से पता चला कि दलित टोले के एक जरूरतमंद परिवार में एक बच्चा और एक बच्ची दिव्यांग हैं। आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के कारण अब तक दोनों का दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाया था। इसके चलते वे दिव्यांग पेंशन सहित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे।

 सिविल सर्जन को फोन कर त्वरित कार्रवाई का दिया निर्देश 

मामले की जानकारी मिलते ही जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने तत्काल लातेहार के सिविल सर्जन से फोन पर बात की और दोनों बच्चों की जल्द मेडिकल जांच कराकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद सिविल सर्जन ने बालूमाथ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि अगले दिन एंबुलेंस गांव भेजकर दोनों बच्चों को लातेहार लाया जाएगा। यहां उनकी मेडिकल जांच कर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रमाण पत्र बनने के बाद दोनों बच्चों को नियमानुसार दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

 प्रत्येक मंगलवार को सदर अस्पताल में बनता है दिव्यांग प्रमाण पत्र 

अनीता देवी ने जानकारी देते हुए बताया कि सदर अस्पताल, लातेहार में प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए डॉक्टरों की टीम उपलब्ध रहती है। उन्होंने जरूरतमंद लोगों से इस सुविधा की जानकारी लेने और पात्रता के अनुसार इसका लाभ उठाने की अपील की। कार्यालयों से निकलकर जनता के बीच पहुंचे प्रशासन  इस मौके पर अनीता देवी ने कहा कि प्रशासन को कार्यालयों की चारदीवारी से बाहर निकलकर जरूरतमंद लोगों के घर तक पहुंचना होगा। केवल कार्यालय में बैठकर काम करने से ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का पता नहीं चल सकता। आज भी समाज में कई ऐसे वंचित परिवार हैं, जो आर्थिक तंगी, जानकारी के अभाव या अन्य कठिनाइयों के कारण प्रखंड और जिला कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अनीता देवी की इस पहल से टोले के ग्रामीणों में खुशी देखी गई। ग्रामीणों ने उनकी संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय के साथ जमीनी स्तर पर सक्रियता बेहद जरूरी है।

रिपोर्टर : मो० अरबाज 

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