त्योहार की खुशियां बांटने आश्रय गृह पहुंचे राजीव-ऋतु, बच्चों के बीच बांटे कपड़े और मिठाइयां

लातेहार : समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े मंच या बड़े अभियान की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है संवेदनशील सोच और दूसरों के लिए कुछ करने के जज्बे की। लातेहार के अधिवक्ता राजीव रंजन पांडेय और उनकी पत्नी ऋतु रानी इसी भावना के साथ जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंचे। शारदीय नवरात्र के अवसर पर दंपत्ति ने जिला मुख्यालय के केशवर आहरा स्थित रोज बाल आश्रय गृह में बच्चों के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों के बीच वस्त्र और मिठाइयां वितरित कीं। मौके पर अधिवक्ता राजीव रंजन पांडेय ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों की देखभाल करना और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में उत्साह बढ़ता है और उन्हें यह एहसास होता है कि समाज के लोग भी उनके साथ खड़े हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शारदीय नवरात्र का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर लोग अपने बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदते हैं। ऐसे में जरूरतमंद बच्चों को भी नए वस्त्र उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है, ताकि वे भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। वहीं, ऋतु रानी ने कहा कि जब हम सभी अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, तो इन बच्चों का ख्याल रखना भी हमारा दायित्व है। उन्होंने समाज के समर्थ लोगों से आगे आकर जरूरतमंद बच्चों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से इन बच्चों का त्योहार भी खुशियों और उत्साह के साथ मनाया जा सकता है।

दंपत्ति का मानना है कि त्योहारों की खुशियों में समाज के हर वर्ग की भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्नेह, सहयोग और समान अवसर देना सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है।

इससे पहले भी राजीव रंजन पांडेय और ऋतु रानी करीब 300 गरीब महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण कर चुके हैं। उनकी इस पहल ने जरूरतमंदों की मदद के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर अधिवक्ता राजीव रंजन पांडेय अपनी पत्नी ऋतु रानी के साथ रविंद्र अग्रवाल, राधाकृष्ण कुमार और प्रशांत रंजन पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

रिपोर्टर : बब्लू खान 

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