चंदवा आराध्या पैथोलॉजी में महिला की मौत का मामला गरमाया
लातेहार : चंदवा के मुख्य मार्ग स्थित श्रीराम गली में संचालित आराध्या पैथोलॉजी में एक वृद्ध महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। महिला की मौत के बाद पैथोलॉजी में जांच के बजाय इलाज किए जाने, इंजेक्शन देने के दौरान तबीयत बिगड़ने और शव को कथित रूप से छिपाकर वहां से हटाने के आरोप लगे हैं। मामले ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इंजेक्शन देने के दौरान बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका बोदा पंचायत के जामुनगढ़ा गांव की रहने वाली थीं। बताया जाता है कि उन्हें इलाज के लिए आराध्या पैथोलॉजी लाया गया था। आरोप है कि वहां इंजेक्शन देने के दौरान उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और उनकी मौत हो गई। यह भी बताया जा रहा है कि पैथोलॉजी संचालक ने शुरुआत में इंजेक्शन देने के दौरान महिला को सांस लेने में तकलीफ होने और उनकी मौत हो जाने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, बाद में पूछे जाने पर संचालक की ओर से इलाज एक चिकित्सक द्वारा किए जाने की बात कही गई।
शव हटाने और सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल
घटना के बाद मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर शव को पैथोलॉजी के एक्स-रे कक्ष में रखे जाने का आरोप सामने आया। इसके बाद कथित तौर पर मीडिया कर्मियों की नजर हटते ही शव को कार से वहां से ले जाने की बात कही जा रही है। इस घटनाक्रम से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, फुटेज की स्वतंत्र जांच और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस पहुंची, परिजनों ने नहीं दी लिखित शिकायत
घटना की सूचना मिलने पर चंदवा पुलिस मृतका के घर पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, मृतका के परिजनों की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। ऐसे में मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
सिविल सर्जन ने दिए जांच के निर्देश
मामले पर लातेहार के सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने चंदवा के चिकित्सा पदाधिकारी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या गलत कार्य सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कथित लेन-देन के आरोपों की भी जांच जरूरी
इधर, सूत्रों के हवाले से यह आरोप भी सामने आया है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए मृतका के परिजनों को पैसे दिए गए। हालांकि, कथित लेन-देन की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस आरोप की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
फिलहाल, वृद्ध महिला की मौत के वास्तविक कारण, पैथोलॉजी में इलाज किए जाने की परिस्थितियों, शव को वहां से ले जाने और कथित लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर : बब्लू खान

No Previous Comments found.