सात माह बाद तेतरियाखांड कोलियरी चालू कराने पर बनी सहमति

लातेहार - बालूमाथ प्रखंड सह अंचल कार्यालय में सोमवार को सीसीएल की तेतरियाखांड कोलियरी को चालू कराने को लेकर अंचलाधिकारी बालेश्वर राम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। करीब सात माह से बंद पड़ी कोलियरी को दोबारा चालू कराने के मुद्दे पर सीसीएल प्रबंधन और विस्थापित ग्रामीणों के बीच सहमति बनने की बात सामने आई। बैठक में कोलियरी के संचालन, कोयले की ढुलाई, स्थानीय लोगों को रोजगार, लंबित नौकरी और मुआवजे सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में राजहरा जीएम मनीष कुमार, परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत सहित विस्थापित गांवों के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान जीएम मनीष कुमार ने बताया कि तेतरियाखांड माइंस में वर्तमान में करीब 14 लाख टन कोयले का स्टॉक जमा है, जिसमें आग भी लगी हुई है। अधिक मात्रा में कोयला जमा होने के कारण माइंस में जगह की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्टॉक का उठाव हाईवा से कोयले की ढुलाई के बिना संभव नहीं है।

वहीं, ग्रामीणों ने कोयले की ढुलाई को लेकर अपना प्रस्ताव रखते हुए दिन में ट्रकों और रात में हाईवा चलाने की बात कही। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि कोलियरी का संचालन स्थानीय लोगों के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। बैठक में रोजगार, सड़क पर पानी का छिड़काव, लंबित नौकरी और मुआवजे जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।

ग्रामीणों ने रखीं कई प्रमुख मांगें 

बैठक के दौरान बसिया पंचायत की मुखिया विमला देवी ने कहा कि हाईवा से दुर्घटना होने पर पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने पिछले 35 वर्षों से लंबित नौकरी और मुआवजे का भुगतान करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि कोलियरी परियोजना से प्रभावित परिवारों को उनका उचित अधिकार मिलना चाहिए।

इसके अलावा ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन से स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन और पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने 24 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, तेतरियाखांड परियोजना में नए कार्य ग्रामसभा के माध्यम से कराने तथा हाईवा का भाड़ा ग्रामीणों की सहमति से तय करने का प्रस्ताव भी रखा।

बायपास निर्माण और स्थानीय लोडरों को प्राथमिकता देने की मांग 

ग्रामीणों ने हाईवा परिचालन शुरू होने से पहले यातायात और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने छह महीने के भीतर हाईवा के लिए बायपास सड़क का निर्माण कराने की मांग की। साथ ही हाईवा मोड से 20 हजार टन कोयले की ढुलाई शुरू करने तथा कोयला लोडिंग के कार्य में स्थानीय लोडरों को प्राथमिकता देने की बात कही। ग्रामीणों का कहना था कि कोलियरी चालू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, लेकिन इसका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलना चाहिए। इसके लिए रोजगार, मुआवजा, बुनियादी सुविधाओं और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान आवश्यक है।

बैठक में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद 

बैठक में विधायक प्रतिनिधि संजय यादव, सांसद प्रतिनिधि गंगेश्वर यादव, मनोज यादव, बिहारी यादव, प्रदीप यादव, राजेश राम, सुरेश उरांव, दिलमणी यादव, राजेंद्र लाला, बुधन यादव, काली यादव, रौशन यादव, दिलीप यादव, रवि यादव और कृष्णा समेत कई लोग उपस्थित थे।

रिपोर्टर - मो० अरबाज 

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