हार्ट फेल्योर के शुरुआती संकेत: पैरों और टखनों में सूजन को न करें नजरअंदाज
BY UJJWAL SINGH
हार्ट फेल्योर या हृदय विफलता एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें दिल शरीर में खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता. इससे ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है और शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं.कई बार यह तरल लंग्स में भी जमा हो जाता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है.एक्सपर्ट के अनुसार शरीर में कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं, जिनसे दिल की सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है. इनमें सबसे कम चर्चा में रहने वाला लेकिन अहम संकेत है पैरों और टखनों में सूजन.
पैरों और टखनों में सूजन: हार्ट फेल्योर का संकेत
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के अनुसार, अगर टखने या पैर बार-बार सूजने लगें तो इसे नजरअंदाज न करें. इसे मेडिकल टर्म में एडीमा कहा जाता है.एडीमा तब होता है जब शरीर के टिश्यू में तरल पदार्थ जमा होने लगता है. सूजन दिन के समय बढ़ती है क्योंकि जब दिल खून को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो ब्लड वेसल्स में दबाव बढ़ जाता है. इस वजह से तरल पदार्थ नसों से बाहर निकलकर टिश्यू में जमा हो जाता है.
एडीमा के लक्षण
मायो क्लिनिक के अनुसार, एडीमा के लक्षणों में टखनों, पैरों या टांगों में सूजन, त्वचा का खिंचा हुआ या चमकदार दिखना, दबाने पर त्वचा में गड्ढा पड़ जाना, दर्द या जकड़न शामिल हो सकते हैं. हालांकि, सूजन हमेशा हार्ट फेल्योर की वजह से नहीं होती. लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा नमक खाने, मोटापा, गर्भावस्था, दवाओं का सेवन, किडनी या लिवर की समस्या आदि कारणों से भी हो सकती है.
हार्ट फेल्योर के अन्य लक्षण
यदि यह हार्ट फेल्योर की वजह से हो रही हो, तो इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. इनमें सांस फूलना, थोड़ी गतिविधि में थकान, दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, एक्सरसाइज करने की क्षमता कम होना, लंबे समय तक खांसी या घरघराहट, पेट में सूजन, अचानक वजन बढ़ना, मतली, भूख कम लगना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी शामिल हैं. कुछ मामलों में सीने में दर्द भी हो सकता है.
किन लोगों को अधिक खतरा
हार्ट फेल्योर का खतरा कुछ लोगों में ज्यादा होता है. 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, स्मोकिंग या शराब का सेवन करने वाले, फिजिकल एक्टिविटी कम करने वाले, हाई ब्लड प्रेशर या कोरोनरी आर्टरी डिजीज के मरीज, ज्यादा नमक और फैट वाले भोजन करने वाले और परिवार में हार्ट फेल्योर के मामले वाले लोग जोखिम में रहते हैं. पैर और टखनों में लगातार सूजन को कभी भी हल्के में न लें. यह आपके दिल की सेहत का पहला अलार्म हो सकता है. समय रहते डॉक्टर से जांच करवाना जीवन बचाने में मददगार साबित हो सकता है.

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