अयोध्या में 19 मार्च को होगी ऐतिहासिक श्रीराम यंत्र स्थापना
BY UJJWAL SINGH
अयोध्या, 19 मार्च: रामनगरी अयोध्या के धार्मिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. 19 मार्च को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना होने जा रही है. यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है. मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, यह यंत्र राम मंदिर के तीसरे तल (गर्भगृह) में स्थापित किया जाएगा.
श्रीराम यंत्र स्थापना के अवसर पर नौ दिन तक विशेष वैदिक और तांत्रिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे. इस दिव्य अनुष्ठान में देश भर से करीब 51 वैदिक विद्वानों की उपस्थिति रहेगी. इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी इस पावन अवसर पर उपस्थित होंगी. सैकड़ों संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होंगे. इस आयोजन का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर भी किया जाएगा.
श्रीराम यंत्र: महत्व और विशेषताएँ
श्रीराम यंत्र भगवान श्रीराम की दिव्य ऊर्जा और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है. यह यंत्र विशेष ज्यामितीय आकृतियों, बीज मंत्रों और पवित्र रेखाओं से निर्मित होता है. यंत्र पर लिखे गए मंत्र, विशेष रूप से राम नाम के मंत्र, उस स्थान की ऊर्जा को पवित्र और सकारात्मक बनाते हैं. माना जाता है कि जहाँ यह यंत्र स्थापित होता है, वहां वातावरण शुद्ध होता है और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है.
लोग इसे अपने घरों में भी स्थापित करते हैं ताकि घर में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहे। यह यंत्र धर्म, सत्य और आदर्श जीवन का प्रतीक है. इसके सानिध्य में आने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और भक्तों को एकाग्रता एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है.
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, श्रीराम यंत्र धातु की आयताकार प्लेट पर अंकित होता है, जिसकी लंबाई लगभग चार फीट और चौड़ाई तीन फीट है. यंत्र पर भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं के बीज मंत्र भी लिखे हुए हैं, जो इसे और अधिक पवित्र बनाते हैं. इस ऐतिहासिक दिन के साथ अयोध्या धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिकता के नए अध्याय की शुरुआत कर रही है.

No Previous Comments found.