HMPV Virus: साधारण सर्दी समझने की गलती न करें, जानिए इसके लक्षण और खतरे
BY UJJWAL SINGH
मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियां आम हो जाती हैं, लेकिन कई बार इनके पीछे एक ऐसा वायरस होता है जिसे लोग पहचान नहीं पाते. ह्यूमन मेटाप्न्यूमोवायरस यानी Human Metapneumovirus भी ऐसा ही एक वायरस है, जिसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, लेकिन यह कुछ लोगों के लिए गंभीर साबित हो सकता है. इसकी पहचान पहली बार साल 2001 में हुई थी और यह अब धीरे-धीरे लोगों के बीच चिंता का कारण बन रहा है.
सबटाइटल: कैसे फैलता है HMPV वायरस
यह वायरस भी अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों की तरह ही तेजी से फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए यह आसानी से दूसरे लोगों तक पहुंच जाता है. इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना, हाथ मिलाना या संक्रमित सतह को छूने के बाद चेहरे को छूना भी संक्रमण का कारण बन सकता है. इसलिए साफ-सफाई और व्यक्तिगत हाइजीन बनाए रखना बेहद जरूरी है.
सबटाइटल: कब बढ़ता है इसका खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, Human Metapneumovirus का असर आमतौर पर फ्लू सीजन के बाद देखने को मिलता है. जहां फ्लू का पीक सर्दियों में होता है, वहीं इस वायरस के मामले मार्च के अंत से अप्रैल के बीच बढ़ने लगते हैं. यही कारण है कि लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि फ्लू का खतरा टल चुका है.
सबटाइटल: क्या हैं इसके लक्षण और जोखिम
इस वायरस के लक्षण आम सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं, जैसे खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गले में खराश और छाती में जकड़न. लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों और सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है. कई मामलों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है.
सबटाइटल: क्या है इसका इलाज
फिलहाल Human Metapneumovirus के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है. डॉक्टर आमतौर पर आराम करने, शरीर को हाइड्रेट रखने और जरूरत पड़ने पर सामान्य दवाएं लेने की सलाह देते हैं. समय पर पहचान और सावधानी ही इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है.

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