पोहा बनाम परांठा: कौन है सेहत के लिए बेहतर नाश्ता ?

सुबह का नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और सेहत की नींव माना जाता है. भारतीय घरों में पोहा और परांठा दो ऐसे लोकप्रिय विकल्प हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ जल्दी बन जाते हैं और पसंद के अनुसार बदले जा सकते हैं. लेकिन सवाल यही है कि हेल्थ को ध्यान में रखते हुए कौन सा नाश्ता ज्यादा फायदेमंद है.

परांठा: ऊर्जा और प्रोटीन का स्रोत

परांठा आमतौर पर गेहूं के आटे से बनाया जाता है, जो कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है. यह धीरे-धीरे ऊर्जा देता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है. साबुत आटे से बने परांठे में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है और ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखती है. पनीर, दाल या पालक जैसी स्टफिंग डालने से यह प्रोटीन से भरपूर हो जाता है, जो मसल्स के लिए फायदेमंद है. हालांकि, परांठा तभी हेल्दी माना जाएगा जब इसे कम तेल या घी में बनाया जाए और दही या सलाद के साथ खाया जाए.

पोहा: हल्का और आसानी से पचने वाला

पोहा हल्का और जल्दी पचने वाला नाश्ता है. इसमें कैलोरी और फैट कम होता है, जिससे यह वजन कंट्रोल करने वालों के लिए फायदेमंद है. पोहा शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट देता है और पेट पर भारी नहीं पड़ता. इसमें मटर, गाजर और प्याज जैसी सब्जियां मिलाकर फाइबर और विटामिन्स की मात्रा बढ़ाई जा सकती है. पोहा आयरन का भी अच्छा स्रोत है, खासकर लोहे की कढ़ाही में बनने पर.

कौन सा नाश्ता चुने?

डॉ. शिवानी सीकड़ी, प्राकृतिक डाइट के अनुसार, अगर आप हल्का, लो-फैट और आसानी से पचने वाला नाश्ता चाहते हैं, तो पोहा बेहतर है.वहीं, लंबे समय तक पेट भरा रखने और ज्यादा ऊर्जा पाने के लिए परांठा सही विकल्प रहेगा.

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