Women's Health: पीरियड्स पेन, पीएमओएस और यूटीआई को न करें नजरअंदाज, एक्सपर्ट ने बताया क्यों ये सामान्य नहीं हैं

महिलाओं की सेहत से जुड़ी कई समस्याएं ऐसी हैं जिन्हें समाज में अक्सर सामान्य मान लिया जाता है. पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, पीरियड्स का अनियमित होना, पीएमओएस (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम) और बार-बार होने वाला यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) इन्हीं समस्याओं में शामिल हैं। वर्षों से महिलाओं को यह समझाया जाता रहा है कि ये परेशानियां जीवन का सामान्य हिस्सा हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है.

महिलाओं की हेल्थ समस्याओं को अक्सर समझ लिया जाता है सामान्य

महिला स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाली संस्था पिंकी प्रॉमिस की सीईओ और को-फाउंडर दिव्या बालाजी कामेरकर के अनुसार, महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को सामान्य मान लेने की सोच समय पर इलाज में सबसे बड़ी बाधा है. कई महिलाएं वर्षों तक यह समझ ही नहीं पातीं कि उनके शरीर में कोई समस्या है, क्योंकि उन्हें लगातार यही बताया जाता है कि ऐसी दिक्कतें हर महिला को होती हैं.

यही कारण है कि कई महिलाएं डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय घरेलू उपायों, इंटरनेट की जानकारी या दोस्तों की सलाह पर निर्भर रहती हैं.

भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं पीएमओएस और अन्य स्वास्थ्य विकार

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में लाखों महिलाएं पीएमओएस, पीरियड्स संबंधी समस्याओं और यूटीआई से प्रभावित हैं. विभिन्न शोध और राष्ट्रीय अध्ययनों में यह सामने आया है कि पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज और हार्मोनल असंतुलन के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है.अनुमान है कि लगभग हर पांच में से एक महिला पीएमओएस की समस्या से प्रभावित हो सकती है. इसके बावजूद इस विषय पर जागरूकता और खुलकर चर्चा की कमी बनी हुई है, जिससे समय पर निदान और उपचार नहीं हो पाता.

कब पीरियड्स का दर्द बन सकता है खतरे का संकेत?

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पीरियड्स के दौरान दर्द इतना अधिक हो कि दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगें, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए. अत्यधिक ब्लीडिंग, लगातार थकान, चक्कर आना, मतली या असहनीय ऐंठन जैसी समस्याएं गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत हो सकती हैं.ये लक्षण एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, फाइब्रॉइड्स, थायरॉयड विकार या पीएमओएस जैसी बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं. इसी तरह बार-बार होने वाला यूटीआई भी शरीर में किसी बड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है.

 समय पर जांच और इलाज है जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए. आज टेली-कंसल्टेशन, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन हेल्थ कम्युनिटी जैसी सुविधाओं ने डॉक्टरों तक पहुंच को पहले से आसान बना दिया है.

पीरियड्स पेन, पीएमओएस और यूटीआई जैसी समस्याएं भले ही आम हों, लेकिन इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है. समय पर जांच, सही जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है. सबसे जरूरी है कि महिलाएं अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में न लें.

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