जंग लगे चाकू से बन रहा खाना खतरनाक, होटलों और ढाबों के लिए जारी हुई सख्त एडवाइजरी

FSSAI New Rules: जंग लगे चाकू से बन रहा खाना पड़ सकता है भारी, FSSAI ने होटलों और ढाबों के लिए जारी की सख्त एडवाइजरी

नई दिल्ली। अगर आप अक्सर होटल, रेस्टोरेंट या ढाबों में खाना खाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने किचन में इस्तेमाल होने वाले जंग लगे, टूटे-फूटे और खराब चाकुओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। संस्था ने 15 जून 2026 को सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

FSSAI द्वारा विभिन्न राज्यों में किए गए निरीक्षण के दौरान कई होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड स्टॉल्स के किचन में खराब गुणवत्ता वाले चाकू और कटिंग उपकरण पाए गए। जांच में ऐसे चाकू मिले जिन पर जंग लगी हुई थी, कई टूटे हुए थे और कुछ के हैंडल की कोटिंग या पेंट निकल रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, ऐसे उपकरण न केवल खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

जंग लगे चाकू से सेहत को कैसे होता है नुकसान?

1. खाने में मिल सकते हैं जंग के कण

जंग लगे चाकू से सब्जियां, फल या मांस काटने पर लोहे के सूक्ष्म कण भोजन में मिल सकते हैं। ऐसे भोजन का लगातार सेवन पेट संबंधी समस्याओं और संक्रमण का कारण बन सकता है।

2. बैक्टीरिया पनपने का बढ़ता है खतरा

टूटे या दरार वाले चाकुओं में खाद्य पदार्थों के कण फंस जाते हैं, जिन्हें पूरी तरह साफ करना मुश्किल होता है। इससे बैक्टीरिया तेजी से विकसित हो सकते हैं और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

3. केमिकल प्रदूषण की आशंका

खराब गुणवत्ता वाले हैंडल या पेंटेड चाकुओं की कोटिंग समय के साथ उखड़ सकती है, जिससे रासायनिक तत्व भोजन में मिलकर स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

FSSAI के नए निर्देश क्या हैं?

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए FSSAI ने सभी फूड बिजनेस संचालकों को निम्नलिखित निर्देशों का पालन करने को कहा है—

  • केवल फूड-ग्रेड और जंग-रोधी स्टेनलेस स्टील के चाकुओं का उपयोग किया जाए।

  • जंग लगे, टूटे, दरार वाले या क्षतिग्रस्त चाकुओं को तुरंत हटाया जाए।

  • सभी कटिंग उपकरणों की नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए।

  • उपकरणों को सूखी और स्वच्छ जगह पर रखा जाए, ताकि उनमें नमी न जमे।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

FSSAI ने राज्यों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमित निरीक्षण के दौरान किचन में उपयोग किए जा रहे चाकू और कटिंग उपकरणों की भी जांच की जाए। यदि किसी प्रतिष्ठान में खराब या जंग लगे उपकरण पाए जाते हैं, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।

बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्टोरेंट या ढाबों का लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?

FSSAI का कहना है कि सुरक्षित और स्वच्छ भोजन हर नागरिक का अधिकार है। इसलिए खाद्य व्यवसायों को किचन की स्वच्छता और उपकरणों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

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