Skin Whitening Cream: रातोंरात गोरा बनाने वाली क्रीमों में मरकरी और लेड का खतरा, जानें कितना हो सकता है नुकसान
त्वचा को कुछ ही दिनों में गोरा, साफ और चमकदार बनाने का दावा करने वाली कई स्किन व्हाइटनिंग क्रीम अब सवालों के घेरे में हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में कुछ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में तय सीमा से कई गुना ज्यादा मरकरी (Mercury) और लेड (Lead) पाए गए हैं। इसके बाद लोगों को इन उत्पादों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ क्रीमों पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारी भी मौजूद नहीं थी। इसके बाद इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
FDA जांच में सामने आए ये प्रोडक्ट्स
महाराष्ट्र FDA की जांच में जिन पांच प्रोडक्ट्स में खामियां पाई गई हैं, उनमें Goree Beauty Cream, Goree Beauty Whitening Body Lotion, Goree Whitening Soap, Face Fresh Gold Plus और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन उत्पादों में मौजूद भारी धातुएं लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर शरीर के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
मरकरी से त्वचा के साथ शरीर के अंदरूनी अंगों को खतरा
स्किन व्हाइटनिंग क्रीमों में अवैध रूप से मरकरी का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि यह त्वचा में मेलानिन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसके कारण कुछ दिनों में त्वचा हल्की दिखाई देने लगती है, लेकिन इसका असर स्वास्थ्य पर बेहद नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. तुषार पलवे के अनुसार, ज्यादा मात्रा में मौजूद मरकरी का असर कुछ ही दिनों में किडनी पर पड़ सकता है। वहीं कम मात्रा में भी अगर इसका रोजाना इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाए तो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। मरकरी त्वचा के रास्ते शरीर में प्रवेश कर किडनी और बोन मेरो में जमा हो सकता है।
किडनी, दिमाग और नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है असर
मरकरी के लगातार संपर्क से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर स्थिति में डायलिसिस की जरूरत तक पड़ सकती है। इसके अलावा हाथ कांपना, याददाश्त कमजोर होना, चिंता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ मामलों में सुनने और देखने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
लेड भी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक
जांच में कुछ क्रीमों में लेड की मात्रा भी तय सीमा से ज्यादा मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, लेड का त्वचा को गोरा करने में कोई वैज्ञानिक उपयोग नहीं है। इसकी मौजूदगी खराब गुणवत्ता वाले कच्चे माल या असुरक्षित निर्माण प्रक्रिया का संकेत हो सकती है।
लेड शरीर में जमा होकर दिमाग, किडनी, खून बनाने वाले अंगों और प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लेड की कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जाती। मरकरी और लेड दोनों का एक साथ संपर्क स्वास्थ्य जोखिम को और बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: सुंदरता के लिए स्वास्थ्य से समझौता न करें
स्किन एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि केवल गोरा दिखने के लिए ऐसी क्रीमों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अगर चेहरे पर दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन या त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है तो बिना जांच के किसी भी व्हाइटनिंग प्रोडक्ट का उपयोग न करें। सही इलाज और सुरक्षित स्किन केयर के लिए हमेशा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
No Previous Comments found.