प्रेम एक ऐसा दीपक है जो जलते हुए भी दूसरों को रौशन करता है

भीष्म साहनी हिंदी साहित्य की ‘प्रगतिशील धारा’ के प्रमुख रचनाकारों में से एक माने जाते हैं। वहीं, आज शायद ही कोई हिंदी साहित्य प्रेमी ऐसा होगा जो उनकी रचनाओं से परिचित न हो। बता दें कि भीष्म साहनी एक प्रतिष्ठित साहित्यकार होने के साथ साथ कुशल अनुवादक, संपादक और अध्यापक भी थे। उनके विभाजन की त्रासदी पर लिखें कालजयी उपन्यास ‘तमस’ पर फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें भारत के विभाजन की दुर्लभ तस्वीर को उकेरा गया है। ‘तमस’ उपन्यास के लिए उन्हें वर्ष 1975 में ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया था। आईये पढ़ते है भीष्म साहनी के कुछ अनमोल विचार-
- “प्रेम एक ऐसा दीपक है जो जलते हुए भी दूसरों को रौशन करता है और खुद जलकर कम नहीं होता।”
- “हर इंसान के अंदर एक बच्चा छिपा होता है, जो कभी नहीं मरता। वही उसकी निर्मलता और संवेदनशीलता का स्रोत है।”
- “जीवन में सबसे बड़ी खुशी किसी से प्यार करना और उसका प्यार पाना है। यह एक ऐसा खजाना है, जिसे दुनिया का कोई भी धन नहीं खरीद सकता।”
- “दुख और सुख जीवन के दो पहलू हैं। इन दोनों का अनुभव करना ही पूर्ण जीवन है।”
- “जीवन एक यात्रा है, जिसका अंत मृत्यु नहीं, बल्कि परिवर्तन है।”
- “हर पल एक नया जन्म है। इसे संपूर्णता और उत्साह के साथ जीना चाहिए।”
- “मृत्यु से डरने की जरूरत नहीं है, वह जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। इसे स्वीकार करना ही जीवन की कला है।”
- “याद रखना, तुम केवल पलक झपकते ही इस दुनिया से विदा हो सकते हो। इसलिए हर पल को जियो और उसे यादगार बनाओ।”
- “इंसानियत का असली धर्म सत्य का साथ देना और असत्य का विरोध करना है।”
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