RAJIV GANDHI JAYANTI: “राजीव गांधी: आधुनिक भारत के शिल्पकार”
20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर हर साल "सद्भावना दिवस" मनाया जाता है।इस दिन का मुख्य उद्देश्य सभी भारतीयों में राष्ट्रीय एकता, शांति, सद्भाव और गैर-हिंसा की भावना को मजबूत करना है।
- सद्भावना का अर्थ: इसमें सद्भाव, सच्चाई, आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना निहित है।
- राजीव गांधी का योगदान: उन्होंने भारत में सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति की नींव रखी। उनका सपना था कि भारत 21वीं सदी में एक आधुनिक और प्रगतिशील राष्ट्र बने।
राजीव गांधी से जुड़े कई यादगार किस्से (प्रसंग) हैं, जो उनकी सादगी, दूरदृष्टि और व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख किस्से दिए जा रहे हैं:
1. साधारण जीवन का उदाहरण
राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनने से पहले इंडियन एयरलाइंस में पायलट थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे कई बार खुद गाड़ी चलाकर निकल पड़ते थे और सुरक्षाकर्मियों को हैरान कर देते थे।
इससे पता चलता है कि वे सत्ता में रहते हुए भी आम जीवन जीने में विश्वास रखते थे।
2. तकनीक में दूरदृष्टि
जब कंप्यूटर भारत में लाए जा रहे थे, तब भारी विरोध हुआ। लोग कहते थे “कंप्यूटर से रोजगार खत्म हो जाएगा।”
लेकिन राजीव गांधी ने कहा:“कंप्यूटर रोजगार खत्म नहीं करेंगे, बल्कि रोजगार के नए रास्ते खोलेंगे।”
आज भारत की IT क्रांति इसी सोच की देन है।
3. पारिवारिक सादगी
राजीव गांधी अक्सर अपने बच्चों (राहुल और प्रियंका) के साथ समय बिताते थे। प्रधानमंत्री होने के बावजूद वे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और खेल-कूद में बराबर ध्यान देते थे।यह दिखाता है कि वे एक संवेदनशील पिता भी थे।
4. पंचायती राज की पहल
उन्होंने कहा था कि “भारत का भविष्य गाँवों में बसता है।”इसी सोच से उन्होंने पंचायती राज प्रणाली को मजबूत किया, जिससे गाँवों को अधिकार मिले और लोकतंत्र जमीनी स्तर तक पहुँचा।
5. सद्भावना और एकता
राजीव गांधी हमेशा युवाओं और शांति की बात करते थे। वे कहा करते थे कि –“भारत की ताकत उसकी विविधता में है। हमें मिलकर ही आगे बढ़ना होगा।”इसीलिए उनकी जयंती पर सद्भावना दिवस मनाया जाता है।
राजीव गांधी एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने भारत को आधुनिक युग की ओर बढ़ाने की राह दिखाई। उनकी सादगी, तकनीक में विश्वास, पंचायती राज की पहल और सद्भावना की भावना आज भी हमें प्रेरित करती है। वे मानते थे कि भारत की असली ताकत उसकी एकता और विविधता में है।


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