लघु कथा: छोटा कदम, बड़ी सफलता

रिया एक छोटे शहर में रहने वाली एक साधारण लड़की थी, लेकिन उसके दिल में बड़े सपने थे। उसका सपना था कि वह एक दिन प्रसिद्ध चित्रकार बने और अपनी कला से लोगों को प्रभावित करे। शुरुआत में उसके परिवार और दोस्तों ने उसकी प्रतिभा को देखा, लेकिन कुछ लोग हँसते और कहते, “इतनी छोटी उम्र में बड़े सपने देखना बेकार है। इससे क्या होगा?”

पर रिया ने हार नहीं मानी। उसने अपने छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत की। रोज़ सुबह वह उठती, स्केचिंग करती और नए रंगों, तकनीकों को सीखने की कोशिश करती। कभी-कभी उसके चित्र पूरी तरह नहीं बनते, लेकिन वह निराश नहीं हुई। उसने सीखा कि गलती करना और असफल होना सीखने का हिस्सा है।

धीरे-धीरे रिया की मेहनत रंग लाने लगी। उसके चित्रों में निखार आया और लोग उसकी कला को पहचानने लगे। एक दिन उसकी पेंटिंग एक बड़ी कला प्रदर्शनी में लगी, और वहां मौजूद सभी लोग उसकी प्रशंसा करने लगे। रिया की आँखों में खुशी और गर्व झलक रहा था।

संदेश:
यह कहानी हमें सिखाती है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती। छोटे-छोटे कदम, लगातार प्रयास और आत्मविश्वास ही बड़ी उपलब्धियों की कुंजी हैं। मुश्किलें आएँगी, लोग हँसेंगे, लेकिन अगर हम अपने सपनों के प्रति सच्चे और मेहनती रहें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

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