लघु कथा : दादी का आशीर्वाद

संध्या अपनी नई नौकरी के पहले दिन बहुत घबराई हुई थी। शहर नया था, लोग नए थे और घर से दूर अकेले रहना उसके लिए कठिन था।

सुबह निकलने से पहले उसने दादी को वीडियो कॉल किया। दादी ने मुस्कुराते हुए कहा –
"डर मत बेटी, हर नए काम की शुरुआत कठिन लगती है। भगवान तुम्हारे साथ हैं। ये लो, मेरा आशीर्वाद – हमेशा ईमानदारी और मेहनत से काम करना, सफलता ज़रूर मिलेगी।"

संध्या को लगा जैसे दादी का हाथ सच में उसके सिर पर है। उसका डर कम हो गया।

ऑफिस में दिनभर जब भी कोई कठिनाई आती, उसे दादी की बातें याद आतीं। शाम को जब वह घर लौटी तो मन में आत्मविश्वास था।

उसने सोचा – सिर्फ शब्द ही नहीं, आशीर्वाद ताकत भी देता है।

संदेश:
आशीर्वाद केवल शब्द नहीं होते, वे हमें आत्मविश्वास, साहस और सही दिशा देते हैं। परिवार का प्यार और बड़ों का आशीर्वाद जीवन की कठिनाइयों को पार करने की ताकत बन जाता है।

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