"उर्दू शायरी के 10 अनमोल शेर | दिल छू लेने वाली पंक्तियाँ"

उर्दू शायरी दिल की आवाज़ है — इसमें मोहब्बत, दर्द, ख़्वाब, तन्हाई, उम्मीद और इंसानियत सब कुछ समाया हुआ है। हर शेर कुछ शब्दों में एक पूरी दुनिया समेटे होता है।ग़ालिब से लेकर फ़ैज़, इक़बाल से लेकर परवीन शाकिर तक — हर शायर ने अपनी कलम से इंसान के जज़्बात को एक नया रंग दिया है।इन शेरों में न सिर्फ़ सौंदर्य है, बल्कि ज़िंदगी की सच्चाई भी झलकती है।

1.उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है
- मिर्ज़ा ग़ालिब

2.हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के 'दाग़'
जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं
- दाग़ देहलवी 

3.राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या
- मीर तक़ी मीर 

4.हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में
- बशीर बद्र 

5.जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा
किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता
- वसीम बरेलवी 

6.ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
- साहिर लुधियानवी 

7.ऐ सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता है
वही होता है जो मंज़ूर-ए-ख़ुदा होता है
- मिर्ज़ा रज़ा बर्क़

8.ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम 'अमीर'
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है
- अमीर मीनाई 

9.ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने
लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने सज़ा पाई
- मुज़फ़्फ़र रज़्मी

10.चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है
- हसरत मोहानी  

 

 

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