लघु कथा: नए साल की तैयारी

राहुल और उसकी छोटी बहन अन्वी, नया साल मनाने के लिए बहुत उत्साहित थे। घर में उन्होंने रंग-बिरंगी लाइटें लगाईं, पुराने खिलौने सजाए और मिठाइयों की टोकरी तैयार की।

राहुल ने कहा, “इस साल हम कुछ नया सीखेंगे और हर दिन कुछ अच्छा करेंगे।”
अन्वी मुस्कुराई और बोली, “हमें अपने दोस्तों के लिए भी कुछ प्यारा करना चाहिए।”

दोनों ने मिलकर अपने दोस्तों के लिए छोटे-छोटे कार्ड बनाए, मिठाइयाँ पैक कीं और घर के बाहर भी रंग-बिरंगे पोस्टर चिपकाए।

जैसे ही घड़ी ने बारह बजाए, घर में खुशियों की हलचल थी। पटाखों की चमक और मिठाइयों की खुशबू ने सबका मन मोहा। राहुल और अन्वी ने समझा कि नया साल सिर्फ तारीख नहीं है, बल्कि नई उम्मीदों, नए सपनों और नए प्रयासों का समय है।

राहुल ने सोच में कहा, “इस साल हम सबको मदद करेंगे, खुशियाँ बाँटेंगे और हर दिन कुछ नया सीखेंगे।”
अन्वी ने सिर हिलाते हुए कहा, “और हम अपनी मेहनत और प्यार से हर दिन खास बनाएंगे।”

उस दिन दोनों ने महसूस किया कि नया साल सिर्फ खुशियों का जश्न नहीं, बल्कि नए सपनों को सच करने का भी अवसर है।

सीख: नया साल नए सपनों, अच्छे कर्मों और खुशियाँ बाँटने का अवसर है।

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