उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है LJP...
उत्तर प्रदेश में दो साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। अभी इसमें समय है, लेकिन राजनीतिक दल अभी से अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इस बार के चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी हाथ आजमाने जा रही है। पार्टी के मुखिया चिराग पासवान नरेंद्र मोदी सरकार का हिस्सा हैं। एनडीए का सहयोगी दल होने के नाते चिराग पासवान की पार्टी यूपी की 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। इस संबंध में एलजेपी (आरवी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणिशंकर पांडेय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि बीजेपी गठबंधन के तहत हमें सीटें देगी। इस बार हमारी पार्टी यूपी में मजबूती से चुनाव लड़ने जा रही है। यूपी में एक करोड़ से ज्यादा हमारा वोटर है। चिराग पासवान एक-दो महीने में यूपी का दौरा भी कर सकते हैं।
2024 लोकसभा चुनाव के बाद सपा हुई प्रभावशाली-
यूपी में इस बार करो या मरो वाला चुनाव होने जा रहा है। योगी सरकार दूसरी बार सत्ता पर काबिज है। इसलिए बीजेपी यूपी में जहां जीत की हैट्रिक लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी। वहीं सत्ता में वापसी के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी अपनी पूरी ताकत झोंक देगी। सपा पिछले लोकसभा चुनाव के बाद से ज्यादा प्रभावशाली हो गई है। 2024 लोकसभा चुनाव में में बीजेपी की ना केवल सीटें कम हुई है बल्कि 2017, 2019 और 2022 वाला वोटबैंक भी छिटक गया है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी से दलित वोटबैंक खिसक चुका है। बीजेपी को डर सता रहा है कि कही ये वोट सपा या कांग्रेस के पाले में ना चला जाए। अगर ऐसा हो गया तो बीजेपी को सीटों का भारी नुकसान हो सकता है।
क्यों कराई जा रही चिराग पासवान की यूपी में एंट्री-
चिराग के आने से बीजेपी से छिटका दलित वोट एलजेपी के साथ आ सकता है। इससे बीजेपी को ज्यादा नुकसान और सपा-कांग्रेस को ज्यादा फायदा नहीं होगा। वहीं, मणिशंकर पांडेय ने कहा कि हम एनडीए का हिस्सा हैं। पिछले चुनाव में भी हमारी पार्टी ने 40 सीटों पर इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ाया था। इसलिए यह मानकर चल रहे हैं कि यूपी में भी हमारा गठबंधन रहेगा।
50 सीट मांग सकती हैं एलजेपी-
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि अभी हम लोग सीटों को चिह्नित करने का काम कर रहे हैं कि किन सीटों पर हमारा मजबूत वोट है और हम कौन सी सीट जीत सकते हैं। बिहार, झारखंड और दिल्ली में हमें गठबंधन के तहत सीट मिल चुकी है। इसलिए उम्मीद है कि यूपी में भी हम गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेंगे। यूपी में हमारे पास करीब एक करोड़ दस लाख वोट है। उन्होंने कहा कि एनडीए के हिस्सा होने के नाते हम यूपी की सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं। लेकिन चुनाव लड़ने के कम से कम 50 सीट बीजेपी से मांगेंगे। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान की इमेज कास्ट की इमेज नहीं है बल्कि उन्हें सभी जाति-धर्म के लोग पसंद करते हैं। वो उभरते हुए नौजवान नेता हैं।
चिराग की यूपी में एंट्री बीजेपी की रणनीति का हिस्सा-
एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि बीजेपी दलितों को साधने के लिए चिराग पासवान का इस्तेमाल कर सकती है क्योंकि मायावती का जो वोटबैंक बसपा से छिटककर बीजेपी के साथ आया था, वो अब बीजेपी से भी दूरियां बढ़ा रहा है। इसका उदाहरण 2024 के चुनाव में देखने को मिला है। बीजेपी को डर है कि कहीं दलित वोटबैंक समाजवादी पार्टी या कांग्रेस में ना चला जाए। इसलिए बीजेपी चिराग पासवान की एंट्री यूपी में करा कर दलित वोटबैंक का बिखराव कराना चाहती है। चिराग का यूपी आना बीजेपी की सोची समझी एक रणनीति का हिस्सा है।

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