निजी आईटीआई संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका

कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निजी आईटीआई संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका


लखनऊ-१२ मई यूपी प्रेस क्लब में में निजी आईटीआई संस्थानों से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को आपके माध्यम से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निजी आईटीआई संस्थानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। लाखों युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने में निजी संस्थालों ने सरकार के सहयोगी के रूप में कार्य किया है। किन्तु वर्तमान समय में कई ऐसे निर्णय एवं प्रक्रियाएं लागू की गई हैं, जिनसे निजी आईटीआई संस्थानों की आर्थिक एवं प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो गई है। इस संदर्भ में निम्न प्रमुख मांगे हैं।  
* हरियाणा मॉडल के अनुरूप फीस वृद्धि इसी सत्र से लागू की जाए। वर्तमान संचालन लागत, प्रशिक्षकों के वेतन, बिजली, उपकरण रखरखाव एवं अन्य प्रशासनिक खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में पुरानी फीस संरचना पर संस्थानों का संचालन अत्यंत कठिन है। 
* यदि समय रहते फीस वृद्धि लागू नहीं की गई, तो अनेक संस्थानों के अस्तित्व पर संकट बड़ा हो सकता है। 
* इसलिए सरकार से आग्रह है कि निजी आईटीआई संस्थानों की आर्थिक मजबूती हेतु तत्काल निर्णय लिया जाए। .
*  NIMS पोर्टल पर अनावश्यक नोडल वैरिफिकेशन समाप्त किया जाए जब प्रशिक्षकी का PAN, Aadhaar, प्रमाणपत्र सत्यापन एवं OTP आधारित eKYC पहले से ही सफलतापूर्वक हो रहा है
* , तब अतिरिक्त नोडल वैरिफिकेशन की प्रक्रिया अनावश्यक एवं शोषणकारी  है।
*  हम मांग करते हैं कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली को पर्यास मानते हुए अतिरिक नोडल वेरिफिकेशन तत्काल समाप्त किया जाए 
*   शिफ्ट पुनः बहाल की जाए शिफ्ट समाप्त होने से हजारों ऐसे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है दिन मे  अन्य कार्य करते हैं और शाम में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
* कौशल विकास का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को अवसर प्रदान करना है, न कि अवसर सीमित करना। 
*  सरकार से आग्रह है कि सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बड़े शिफ्ट पुनः बहाल की जाए।  PMKVY 5.0 एवं अन्य कौशल विकास योजनाओं में निजी आईटीआई संस्थानों को अवसर दिया जाए निजी आईटीआई संस्थानों के पास पर्याप्त संसाधन, प्रशिक्षित स्टाफ, आधुनिक लैब एवं वर्षों का अनुभव उपलब्ध है। 
* इसके बावजूद कई योजनाओं में निजी संस्थानों की भागीदारी सीमित कर दी जाती है, जिससे उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। 
* हम मांग करते हैं कि PMKVY 5.0 सहित सभी कौशल विकास योजनाओं में निजी आईटीआई संस्थानों को समान अवसर एवं भागीदारी प्रदान की जाए।  
* यूनिट साइज 40 से 45 प्रशिक्षार्थियों तक निर्धारित किया जाए वर्तमान परिस्थितियों एवं बढ़ती संचालन लागत को देखते हुए यूनिट साइज को 40 से बढ़ाकर 45 प्रशिक्षार्थियों तक किया जाना समय की आवश्यकता है। 
* इससे संस्थानों की संचालन क्षमता मजबूत होगी तथा अधिक युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर भी प्राप्त होगा। यह निर्णय कौशल विकास के व्यापक लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा। 
*  API डेटा ट्रांसफर में देरी पर लगाए गए भारी पेनाल्टी आदेश को वापस लिया जाए तकनीकी कारणों, सर्वर समस्याओं एवं पोर्टल संबंधी बाधाओं के कारण कई बार API डेटा ट्रांसफर में विलंब हो जाता है।
*  ऐसी परिस्थितियों में संस्थानों पर भारी आर्थिक पेनाल्टी लगाना न्यायसंगत नहीं है। 
* हम मांग करते हैं कि इस प्रकार के दंडात्मक, गैरजरूरी, आदेश तत्काल वापस लिए जाएं तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु व्यावहारिक नीति बनाई जाए। 
---हम सरकार से सकारात्मक संवाद एवं व्यावहारिक समाधान की अपेक्षा करते हैं। निजी आईटीआई संस्थान केवल शिक्षा संस्थान नहीं, बल्कि देश के युवाओं के कौशल निर्माण एवं रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यदि सरकार हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करती है, तो इससे न केवल संस्थानों को मजबूती मिलेगी, बल्कि लाखों युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित होगा। दिनांक १५ मई दिन शुक्रवार को सुबह दस बजे उपरोक्त मांगो के समर्थन में पूरे प्रदेश के प्रत्येक जनपदों से प्रशिक्षकगण, प्रबंधकगण और प्रशिक्षार्थी भारी संख्या में निदेशक, प्रशिक्षण, प्रशिक्षण निदेशालय, गुरुगोविंद सिंह मार्ग पर एकत्रित होकर अपनी मांग रखेंगे, यदि त्वरित समाधान नहीं होता तो सभी वहीं पर अनिश्चितकालीन धरने पर भी बैठ सकते हैं।

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