विश्व मानवता दिवस पर ‘दिहाड़ी किचन’ ने पेश की मानवता की मिसाल
विश्व मानवता दिवस पर ‘दिहाड़ी किचन’ ने पेश की मानवता की मिसाल, श्रमिकों को बांटे गए निःशुक्ल भोजन
लखनऊ- विश्व मानवता दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के आलमबाग स्थित नहर लेबर चौक पर संचालित ‘दिहाड़ी किचन’ की ओर से असहाय और जरूरतमंद दिहाड़ी श्रमिकों के लिए विशेष निःशुल्क भोजन सेवा का आयोजन किया गया। यह पहल उन श्रमिक भाइयों को समर्पित रही, जिनका किसी कारणवश उस दिन काम नहीं लग पाता और उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो जाता है।
मानवता की अलख जगाते हुए दिहाड़ी किचन के संचालक एवं संस्थापक सोमनाथ कश्यप पिछले करीब 9 वर्षों से सप्ताह में पांच दिन दिहाड़ी मजदूरों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा अनवरत रूप से चला रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर कोई भी दिहाड़ी मजदूर भूखे पेट न सोए।
विश्व मानवता दिवस के इस विशेष अवसर पर आयोजित भोजन सेवा अनुपम श्रीवास्तव द्वारा अपनी दिवंगत माता स्व. आशा श्रीवास्तव जी की पुण्यस्मृति में दिहाड़ी मजदूर भाइयों को समर्पित की गई। इस दौरान जरूरतमंद श्रमिकों ने प्रेम और सम्मान के साथ भोजन ग्रहण किया। भोजन पाकर उनके चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी।
दिहाड़ी किचन के संस्थापक सोमनाथ कश्यप का कहना है कि मानवता की सच्ची सेवा जरूरतमंदों को भोजन कराने और कठिन समय में उन्हें संबल देने में निहित है। उनका प्रयास है कि सेवा का यह सिलसिला लगातार जारी रहे और कोई भी दिहाड़ी मजदूर कभी भूखा न सोए।
विश्व मानवता दिवस पर ‘दिहाड़ी किचन’ की यह पहल जरूरतमंद श्रमिकों के लिए राहत और सम्मान का माध्यम बनी। साथ ही इस सेवा ने समाज को यह संदेश भी दिया कि मानवता केवल शब्द नहीं, बल्कि जरूरतमंद के साथ खड़े होकर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।
रिपोर्टर - उमेश विश्वकर्मा
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