फर्जी दस्तावेजों से मकान हड़पने का खेल बेनकाब, PGI पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा
लखनऊ। पीजीआई थाना पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक मकान पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल गुप्ता निवासी वृंदावन योजना और मो० आरिफ निवासी आम्रपाली योजना के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को झारखंड निवासी रेखा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विपक्षी लोगों ने धोखाधड़ी कर उनके मकान पर कब्जा करने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। शिकायत के आधार पर पीजीआई थाने में मु०अ०सं० - 361/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की जांच के लिए डीसीपी दक्षिणी ने दो पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीम ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से विशाल गुप्ता और मो. आरिफ को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी नाम से रजिस्ट्री कराने का आरोप -
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपी मो० आरिफ ने कथित तौर पर बताया कि रेखा के मकान को हड़पने की नीयत से उसके और अन्य साथियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार किए थे। आरोप है कि विशाल गुप्ता ने अपना वास्तविक नाम बदलकर चंदन सिंह पुत्र गिरिजाशंकर सिंह के नाम से दस्तावेजों में पहचान दर्ज कराई। वहीं, रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति ने भी अपना नाम बदलकर मेवालाल बताया, जबकि उसका वास्तविक नाम अनिल यादव बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, फर्जी पहचान के आधार पर रजिस्ट्री कराई गई और उससे प्राप्त रकम को आरोपियों ने आपस में बांट लिया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी -
विशाल गुप्ता, उम्र करीब 38 वर्ष, निवासी वृंदावन योजना, थाना पीजीआई, लखनऊ।
मो. आरिफ, उम्र करीब 44 वर्ष, निवासी आम्रपाली योजना, हरदोई रोड, थाना दुबग्गा, लखनऊ।
पुलिस के मुताबिक मो० आरिफ के खिलाफ इससे पहले भी हजरतगंज, विभूतिखंड और अलीगंज थानों में धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों से संबंधित चार मुकदमे दर्ज हैं।गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
रिपोर्टर - राजेश वर्मा
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