सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भोंडो के द्वारा रंगोत्सव होली मिलन समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न*
चंदवारा : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भोंडो के पूरे परिसर में उत्सव का वातावरण देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने परस्पर सौहार्द, भाईचारे और मर्यादा के साथ होली का पर्व मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे मुन्हें बच्चों को गुलाल लगाकर किया गया।होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा गया कि ऐसे आयोजन से विद्यालय परिसर में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। शिक्षण संस्थान केवल पाठ्य ज्ञान देने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र होता है। अशोक सिंह ने विद्यार्थियों से अनुशासन, संयम और मर्यादा के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया तथा कहा कि शिक्षा ही जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि रंगोत्सव का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद, एकता और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में आवश्यकता है कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी समझें। समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। परिसर में पारंपरिक गीतों और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण रहा। आयोजन के दौरान अनुशासन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। विद्यालयों के शिक्षकों ने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संभालीं, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अशोक सर, टिंकू सर, घनश्याम सर, गौतम सर, नीतू मैम, श्वेता मैम,मनीष कुमार, सोनी कुमारी, दिव्या कुमारी, मुस्कान कुमारी,मनीषा कुमारी,स्नेहा कुमारी,लक्ष्मी कुमारी,संगीता,पूनम,पियूष,यश,हर्ष,दीपक, देवनारायण,सतीश सहित विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी सद्भाव का परिचय दिया । समारोह ने यह संदेश दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के विकास का सशक्त मंच भी है। रंगोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच एकता, सहयोग और समरसता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।
रिपोर्टर : नेहाल अहमद
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