शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदली, मंडप से उठाकर दूल्हे को ले गई पुलिस
लोहरदगा : लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र अंतर्गत खरकी पंचायत के कोचा गांव से बाल विवाह का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी की खुशियां देखते ही देखते मातम और अफरा-तफरी में बदल गईं। शादी की सभी रस्में पूरी होने के बाद विदाई की तैयारी चल रही थी, तभी बाल विवाह की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और दूल्हे को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।बजानकारी के अनुसार मांडर थाना क्षेत्र के ब्राम्बे निवासी 30 वर्षीय युवक लच्छू उरांव पिता सुगना उरांव बुधवार को बारात लेकर कोचा गांव पहुंचा था। आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार शादी की सभी रस्में पूरी भी हो चुकी थीं। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने डायल 112 पर फोन कर प्रशासन को बाल विवाह होने की सूचना दे दी। शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और देर रात किस्को अंचल अधिकारी अजय कुमार तथा थाना प्रभारी मानस कुमार साधु पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। मौके पर पहुंचकर प्रशासन ने लड़की और लड़के से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान बाल विवाह की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूल्हे को हिरासत में ले लिया। वहीं नाबालिग दुल्हन को सुरक्षा और काउंसिलिंग के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया।गुरुवार को दूल्हे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस संबंध में किस्को थाना में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी मानस कुमार साधु ने बताया कि कांड संख्या 22/2026 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में दूल्हा, उसके माता-पिता, दुल्हन के माता-पिता, शादी संपन्न कराने वाले पहान सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।जानकारी के अनुसार लोहरदगा जिले में बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई का यह पहला मामला माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। प्रशासन ने लोगों से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से दूर रहने और कानून का पालन करने की अपील की है।
रिपोर्टर : नेहाल
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