हिसार के गांव में Love Marriage पर ‘बैन’! पंचायत के फैसले से मचा हड़कंप

हरियाणा के हिसार जिले के आर्य नगर गांव में एक सामाजिक पंचायत के फैसले के बाद प्रेम विवाह का मुद्दा चर्चा में आ गया है। रविवार को आयोजित बैठक में करीब 1,000 ग्रामीणों के शामिल होने की बात सामने आई। बैठक में गांव के युवक और युवती के आपस में विवाह करने को लेकर आपत्ति जताई गई।
 
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में आर्य नगर में एक ही गांव के युवक-युवतियों के बीच तीन प्रेम विवाह हुए। इसके बाद ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई। सामाजिक पंचायत में तय किया गया कि गांव के युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह न करें। कुछ रिपोर्टों में ऐसे विवाह करने वाले जोड़ों के सामाजिक बहिष्कार और गांव में रहने पर रोक की बात भी सामने आई है।
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ग्रामीणों की ओर से इसके पीछे स्थानीय सामाजिक परंपराओं का हवाला दिया गया है। उनका कहना है कि गांव के युवक-युवतियों को पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों के नजरिए से देखा जाता है, इसलिए एक ही गांव में होने वाले ऐसे विवाहों को लेकर आपत्ति है। बैठक में इस मुद्दे पर लोगों की राय जानने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करने और एक समिति बनाने की बात भी कही गई है।
Haryana Village Bans Love Marriages After Couples Defy Families in Hisar's  Aryanagar
 
निर्वाचित ग्राम पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी
 
मामले में एक अहम पहलू यह है कि आर्य नगर की निर्वाचित ग्राम पंचायत ने इस फैसले से खुद को अलग बताया है। गांव के सरपंच रतन सिंह के मुताबिक, निर्णय सामाजिक पंचायत की बैठक में लिया गया था और निर्वाचित ग्राम पंचायत की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
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वहीं, स्थानीय बीजेपी नेता और गांव निवासी हनुमान वर्मा ने कहा कि यह फैसला ग्रामीणों की सामूहिक राय के तौर पर सामने आया है। उन्होंने सामाजिक बहिष्कार से जुड़े किसी औपचारिक प्रस्ताव से इनकार किया है। अलग-अलग रिपोर्टों में इस बिंदु पर अलग विवरण सामने आया है।
 
पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा दिया
 
मामले के सामने आने के बाद कानूनी और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठे हैं। हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि मामले पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित जोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
 
कानूनी विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। वहीं, सामाजिक बहिष्कार जैसे सामुदायिक फैसलों की कानूनी वैधता अलग सवाल है और किसी व्यक्ति को धमकी या दबाव देने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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फिलहाल आर्य नगर का यह मामला सामाजिक परंपराओं, सामुदायिक फैसलों और वयस्कों के व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर बहस का विषय बना हुआ है।

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