(AIMT) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ शुभारंभ

लखनऊ - शुक्रवार के दिन मोहनलालगंज में स्थित अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (AIMT) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “कृत्रिम बुद्धिमत्ता में चुनौतियाँ और अवसर अभियांत्रिकी और प्रबंधन अनुप्रयोग” (COAIEMA-2025) कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे किया गया। सम्मेलन में अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (AIMT) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अकादमिक जगत, उद्योग और शोध संस्थानों से जुड़े 200 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संबंधित चुनौतियों और अवसरों पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए विशेष चर्चा की गईं। सम्मेलन का उद्घाटन एवं प्रमुख अतिथि AIMT के महानिदेशक प्रो. एस.क्यू. अब्बास, निदेशक प्रो. अशुतोष द्विवेदी, अतिरिक्त निदेशक प्रो. श्वेता मिश्रा, सभी डीन, संकाय सदस्य, सहित प्रतिभागी और छात्र उपस्थित रहे। अंबालिका इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, लखनऊ के अध्यक्ष अंबिका मिश्रा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की जीवन के विभिन्न पहलुओं में बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और सम्मेलन के प्रमुख विषयों को प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडेय, जो कि AKTU के कुलपति हैं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विविध क्षेत्रों में योगदान पर चर्चा की। उन्होंने अपने चल रहे AI- आधारित शोध परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने “अज्ञानता, अस्वीकार और घबराहट” की अवधारणा को “दृष्टि, दृश्य और दृष्टा” से जोड़कर समझाया, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर सम्मेलन आयोजित करने के लिए AIMT को बधाई दी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रो. ए.के. माथुर, जो लखनऊ प्रबंधन संघ (Lucknow Management Association) के उपाध्यक्ष हैं ने डिजिटलाइजेशन की शक्ति पर बल दिया और अपने व्यावहारिक अनुभवों से जुड़े प्रेरणादायक उदाहरण साझा किए। प्रमुख वक्ताओं द्वारा विचार-विमर्श प्रो. (डॉ.) पी.के. मिश्रा, पूर्व HOD-CS, IIT-BHU, ने वर्चुअल वर्ल्ड और होलोग्राम तकनीक पर चर्चा की, जिससे वास्तविक जीवन के अनुभवों को डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रो. (डॉ.) अनुराग सिंह, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस, BHU, ने AI के द्वारा उभरने वाले अवसरों को विस्तार से समझाया। प्रो. (डॉ.) एस.पी. शुक्ला, निदेशक, राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, बांदा (उत्तर प्रदेश), ने AI के क्षेत्र में संभावनाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. पुनीत मिश्रा, सहायक प्रोफेसर, BHU, ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव की व्याख्या की। डॉ. संजय मेधावी, पूर्व HOD, व्यवसाय प्रशासन विभाग और निदेशक, सेंट्रल प्लेसमेंट सेल, लखनऊ विश्वविद्यालय, ने AI और प्रबंधन के अंतर्संबंधों को स्पष्ट किया। डॉ. मनीष गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, MNNIT, प्रयागराज, ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में ज्ञान-साझाकरण, सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है, ताकि अभियांत्रिकी और प्रबंधन में व्यावहारिक समाधान विकसित किए जा सकें। सम्मेलन के माध्यम से AI के विभिन्न अनुप्रयोगों, संभावनाओं और चुनौतियों पर गहन चर्चा की जाएगी, जिससे शोध और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण हो सके। AIMT द्वारा आयोजित यह सम्मेलन AI से जुड़े अनुसंधानकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां वे भविष्य की तकनीकों, नीतियों और अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श कर सकें।
 
रिपोर्टर - दीपक तिवारी 

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