समर्पण इंस्टीट्यूट की ओर से जूनोटिक रोग पर शैक्षणिक संगोष्ठी का किया गया आयोजन
लखनऊ : समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़, देवा रोड, लखनऊ के निर्मल ऑडिटोरियम में "अदृश्य सीमाएँ, साझा खतरेः प्रजातीय सीमाओं से परे जूनोटिक रोग" विषय पर एक आवश्यकता- आधारित शैक्षणिक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उभरते एवं पुनः उभरते जूनोटिक रोगों के प्रति स्वास्थ्य कर्मियों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संस्थान की प्राचार्या डॉ० दीप्ति शुक्ला द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया।जिसमें उन्होंने जूनोटिक रोगों की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान तथा नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत समर्पण समूह के चेयरमैन प्रो० डॉ० आर० एस० दुबे ने अपने आशीर्वचनों से कार्यक्रम को प्रेरणादायी दिशा प्रदान की और अंतःविषयी शिक्षा व सामाजिक उत्तरदायित्व पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केजीएमयू कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डॉ० रश्मि पी० जॉन ने शिरकत किया। वहीं अन्य अतिथियों में नर्सिंग अधीक्षिका अपोलो मेडिक्स डॉ० डेविड सार्था कला रानी, समर्पण इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ० उमेश पांडेय, मैनेजर मनीष मिश्रा, सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में डॉ० रजनीश चंद्रा, प्रो० डॉ० फरया हैदर एवं प्रो० डॉ० गोमती मुनुसामी ने जूनोटिक रोगों की उत्पत्ति, संक्रमण के मार्ग, रोकथाम एवं वन हेल्थ दृष्टिकोण पर विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में लगभग 480 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समापन अवसर पर डॉ० नीरज वर्मा प्राचार्य एससीपी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। संकाय सदस्यों, प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से संगोष्ठी अत्यंत सफल रही।
रिपोर्टर : उमेश विश्वकर्मा

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