मोहनलालगंज तहसील में फर्जी बैनामा कांड का खुलासा, मास्टरमाइंड फरार महिला आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ : मोहनलालगंज तहसील के उपनिबंधक कार्यालय में जालसाजों द्वारा फर्जी कागजात तैयार कर पैतृक भूमि की रजिस्ट्री कराए जाने के गंभीर मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक फरार महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला बीते वर्ष अक्टूबर माह में दर्ज शिकायत के बाद से चर्चा में था।लखनऊ के ऐशबाग निवासी सैय्यद फरहान हुसैन ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने पिता स्वर्गीय मोहम्मद उवैस पुत्र मोहम्मद इदरीस की मृत्यु बीते 12 जुलाई के बाद ग्राम घुसकर, परगना मोहनलालगंज स्थित पैतृक भूमि का वैध उत्तराधिकारी है। उनके अन्य चाचा—मोहम्मद सिद्दीक उस्मानी, मोहम्मद अनरू उस्मानी उर्फ अनस, मोहम्मद वासिद उस्मानी उर्फ मुब्बशिर तथा मोहम्मद इलियास उस्मानी का भी पूर्व में निधन हो चुका है।शिकायतकर्ता के अनुसार, वह नियमित रूप से भूमि की देखरेख कर रहा था। बीते वर्ष 20 अगस्त को जब वह तहसील मोहनलालगंज में वरासत दर्ज कराने पहुंचा, तब उसे पता चला कि शहाबुद्दीन निजामुद्दीन उस्मानी निवासी सूरत गुजरात भगवान देई चौहान निवासी मानक नगर लखनऊ तथा विमल गिरि निवासी महाराजगंज ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत मृत व्यक्तियों के स्थान पर अन्य लोगों को प्रस्तुत कर, कूटरचित दस्तावेजों व फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए पैतृक भूमि का बैनामा अपने पक्ष में करा लिया है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि उसके या उसके परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा किसी के पक्ष में कोई बैनामा नहीं किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनलालगंज पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान रमेश कुमार गिरि, अग्गन और खुशीराम के नाम सामने आए, जिन्होंने फर्जी विक्रेता बनकर रजिस्ट्री कराई थी। पुलिस ने बीते दिसंबर में तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।इसी मामले में बैनामे की फर्जी गवाह बनी आरोपी महिला भगवान देई चौहान लगातार फरार चल रही थी। पुलिस टीम द्वारा लगातार दबिश और तलाश के दौरान शुक्रवार को सूचना मिली कि वह कैसरबाग बस स्टैंड पर मौजूद है। सूचना के आधार पर मोहनलालगंज पुलिस ने शाम करीब पांच बजे अभियुक्ता भगवान देई चौहान निवासी कनौसी, मानक नगर, थाना कृष्णानगर को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में अभियुक्ता ने स्वीकार किया कि वह पूर्व में कचहरी में मुंशी का कार्य करती थी और पैसों के लालच में उसने तहसील मोहनलालगंज में फर्जी गवाह बनकर गवाही दी। उसने यह भी बताया कि रजिस्ट्री के समय अभियुक्त रमेश कुमार गिरि, अग्गन और खुशीराम फर्जी मुस्लिम नामों से स्वयं को प्रस्तुत कर रहे थे और उसने भी उन्हें मुस्लिम नाम से पहचान कराया। अभियुक्ता ने बताया कि इस फर्जी गवाही के एवज में आरोपी चांदबाबू ने उसे 1500 रुपये दिए थे।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। साथ ही इस फर्जी बैनामा कांड में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
रिपोर्टर : धीरज


No Previous Comments found.