परमहंस आचार्य के आगमन से भक्तिमय हुआ कथा स्थल,श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व गोवर्धन लीला का हुआ भावपूर्ण वर्णन
लखनऊ - निगोहां गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, पूतना वध, बाल लीलाओं, माखन चोरी तथा गोवर्धन पूजा जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य दुर्गेश अवस्थी ने अपने ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया, जिसे सुनकर उपस्थित भक्तगण भाव-विभोर हो उठे।कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब अत्याचार और अधर्म का अत्यधिक प्रसार होता है, तब भगवान स्वयं पृथ्वी पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक धार्मिक घटना नहीं बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। कथा के दौरान पूतना वध का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और उनके समक्ष कोई भी दुष्ट शक्ति टिक नहीं सकती।आचार्य दुर्गेश अवस्थी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और माखन लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की ये लीलाएं भक्तों को प्रेम, स्नेह और भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में जीवन के गहरे आध्यात्मिक रहस्य छिपे हुए हैं, जो मनुष्य को सरलता, निष्कपटता और प्रेम की भावना अपनाने की प्रेरणा देते हैं।कथा के दौरान गोवर्धन पूजा और गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को समाप्त करने और प्रकृति के महत्व को समझाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर धारण किया था। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि प्रकृति की पूजा और संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।कथा के बीच तपस्वी छावनी अयोध्या धाम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य का कथा स्थल पर आगमन हुआ। उनके आगमन से पूरा कथा स्थल भक्तिमय हो उठा। आयोजकों और श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाओं से उनका भव्य स्वागत किया तथा उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज को धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
कथा श्रवण के लिए निगोहां सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा श्रद्धालु पहुंचे। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने कथा श्रवण के साथ-साथ संत दर्शन का लाभ लिया। पूरे कथा स्थल पर भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।आयोजक ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन कई दिनों तक चलेगा,जिसमें आगामी दिनों में भगवान की अन्य दिव्य लीलाओं और धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा के समापन दिवस पर विशाल भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
रिपोर्टर - धीरज तिवारी

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