राकस बीर बाबा देवस्थान का दो दिवसीय मेला संपन्न,आल्हा खंडकाव्य से गूंजा समेसी का वातावरण

लखनऊ - नगराम के समेसी स्थित प्राचीन राकस बीर बाबा देवस्थान पर आयोजित दो दिवसीय वार्षिक मेले का शुक्रवार देर रात आल्हा खंडकाव्य की गूंज के साथ भव्य समापन हो गया। मेले में क्षेत्र के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दो दिनों तक चले इस आयोजन में दंगल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक लोकगायन ने लोगों को देर रात तक बांधे रखा।मेला आयोजक एवं ग्राम प्रधान अशोक रावत ने बताया कि मेले के पहले दिन गुरुवार को विशाल दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के जिलों सहित दूर-दराज से आए पहलवानों ने अखाड़े में अपने दमखम का प्रदर्शन किया। पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी जुटे रहे। हर दांव-पेच पर दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाया।मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। इस दौरान रायबरेली की प्रसिद्ध आल्हा गायिका काजल सिंह ने अपनी ओजस्वी आवाज में वीर रस से ओतप्रोत आल्हा खंडकाव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने बुंदेलखंड की वीर गाथाओं और रणभूमि के शौर्य का सजीव चित्रण करते हुए ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रोता देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। आल्हा की गूंज से पूरा मेला परिसर वीरता और उत्साह के माहौल से भर गया।मेले के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने देवस्थान पर माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की,वहीं मेले में लगी दुकानों और झूलों का भी लोगों ने भरपूर आनंद उठाया।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी ग्रामीणों,सहयोगियों और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ.रमेश कुमार,बरजोर सिंह यादव,अमित कुमार यादव,देवदत्त यादव,रामानंद रावत,कन्हैयालाल रावत,सुमित कुमार,श्रवण कुमार,वीरेन्द्र कुमार,रामशरन यादव (टून्नू यादव),अंशू विश्वकर्मा, अनिल गौतम सहित सैकड़ों लोग देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।दो दिनों तक चले इस मेले ने ग्रामीण संस्कृति परंपरा और लोककलाओं की झलक पेश करते हुए क्षेत्र में आपसी भाईचारे और उत्साह का संदेश दिया।

रिपोर्टर - धीरज तिवारी 

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